चंडीगढ़: हरियाणा के विभिन्न जिलों में आरक्षण को लेकर चल रहा जाट समुदाय का आंदोलन आज पांचवे दिन भी शांतिपूर्ण रहा और कहीं से किसी अप्रिय घटना की सूचना नहीं है। अधिकारियों ने कहा कि व्यापक सुरक्षा इंतजाम के बीच जाटों ने विभिन्न स्थानों पर धरना दिया, जो शांतिपूर्ण रहे।

आरक्षण को लेकर फिर से आंदोलन शुरू करने का आह्वान कुछ ही जाट संगठनों ने दिया है। ये संगठन विशेष रूप से अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति के विश्वासपात्र हैं। जाट मुद्दे को लेकर चल रहे आंदोलन पर प्रतिकिया मांगने पर मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने आज पंचकुला में संवाददाताओं से कहा, ‘लोकतंत्र में सभी को शांतिपूर्ण तरीके से, कानून-व्यवस्था को नुकसान पहुंचाए बगैर प्रदर्शन करने का अधिकार है।’

उन्होंने कहा, ‘जाट नेताओं के एक नेता के साथ हाल ही में हमारी बैठक हुई है, जहां सरकार ने पिछले वर्ष आंदोलन में मरने वालों के निकटतम परिजन को नौकरी देने की मांग मान ली है। इसकी प्रक्रिया भी शुरू कर दी गयी है।’

मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले वर्ष के जाट आंदोलन से प्रभावित लोगों को सर्वेक्षण रिपोर्ट के आधार पर पहले ही मुआवजा राशि दी जा चुकी है। उन्होंने कहा, ‘यदि किसी को कोई शिकायत है तो वह अपनी शिकायत के हल के लिए दावा आयोग में आवेदन कर सकता है।’

अधिकारियों का कहना है कि संवेदनशील क्षेत्रों में अर्धसैनिक बलों को तैनात किया गया है जबकि कड़ी सतर्कता बरतने के लिए बड़ी संख्या में पुलिस बल को लगाया गया है। अधिकारियों ने कहा, करीब एक साल पहले हुए ऐसे ही आंदोलन में हिंसा के कारण 30 लोगों की मौत हुई थी जबकि संपत्ति को भारी नुकसान पहुंचा था। इसबार हरियाणा को अधिकतम सतर्कता बरतने को कहा गया है।

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