लखनऊ : उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में इस बार राजधानी लखनऊ तथा नोएडा में बसपा मुखिया मायावतीऔर उनकी सरकार द्वारा निर्मित स्मारकों में लगे उनके चुनाव निशान हाथियों को नहीं ढका जाएगा।मुख्य निर्वाचन आयुक्त नसीम जैदी ने गुरुवार को प्रेस कांफ्रेंस में वर्ष 2012 की तरह इस बार भी चुनाव के दौरान स्मारकों में मायावती की मूर्तियां और हथियों की प्रतिमाओं को ढके जाने की सम्भावना सम्बन्धी सवाल पर कहा, ‘इस विषय पर उच्चतम न्यायालय निर्देश दे चुका है। हमने उसके क्रम में अपने कुछ निर्देश दिये हैं। यह विषय अब आवश्यक कार्रवाई के लिये आयोग के संज्ञान में नहीं है।’ हालांकि, उन्होंने यह स्पष्ट नहीं किया कि इस बारे में उच्चतम न्यायालय ने क्या निर्देश दिये थे और उसके क्रम में आयोग ने क्या निर्देश दिये हैं।मालूम हो कि वर्ष 2012 में हुए विधानसभा चुनाव में आयोग ने लखनउ तथा नोएडा में बने स्मारकों में मायावती तथा उनके चुनाव निशान हाथी की मूर्तियां ढकने के आदेश दिये थे।जैदी ने एक अन्य सवाल पर कहा कि कैराना में जो भी लोग किन्हीं कारणों से पलायन कर गये हैं, अगर वे अपने क्षेत्र में वोट डालना चाहेंगे तो स्थानीय प्रशासन उन्हें पूरी सुरक्षा तथा मदद मुहैया करायेगा।उन्होंने कहा कि पिछले दो दिन के दौरान आयोग की टीम ने लखनऊ में राजनीतिक पार्टियों के प्रतिनिधियों तथा अधिकारियों के साथ बैठक की। इस दौरान सियासी दलों की शिकायत पर आयोग ने ऐसे कर्मियों से एक घोषणापत्र देने को कहा है जिनका कोई रिश्तेदार कहीं से चुनाव लड़ रहा है। इससे उन कर्मियों पर नजर रखी जाएगी। साथ ही तीन साल से एक ही स्थान पर तैनात अधिकारियों को 48 घंटे के अंदर स्थानान्तरित करने को कहा गया है।जैदी ने कहा कि आयोग ने हर थानाध्यक्ष के बारे में विवरण निकलवाया है और ऐसे हर अधिकारी के कार्य की रोजाना समीक्षा की जा रही है। जो भी थानाध्यक्ष आयोग के मानकों पर शिथिल पाया जाएगा, उसके खिलाफ कार्रवाई होगी।

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