नयी दिल्ली/नोबेल पुरस्कार विजेता कैलाश सत्यार्थी के घर से उनके नोबेल पुरस्कार की रेप्लिका चोरी मामले में दिल्ली पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है। सूत्रों के मुताबिक, पुलिस ने राजन उर्फ नाटा नाम के व्यक्ति समेत तीन लोगों को गिरफ्तार किया है।गौरतलब है कि 7 फरवरी चोरी के संबंध में पुलिस में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। शुरुआत में खबर आ रही थी कि इस चोरी में चोर सत्यार्थी का नोबेल भी चुरा ले गए हैं। इस पर सत्यार्थी के ऑफिस की तरफ से कहा गया है कि सत्यार्थी का नोबेल पुरस्कार राष्ट्रपति भवन में रखा गया है। चोर उनके पुरस्कार की रेप्लिका चुरा ले गए हैं। पुलिस ने आरोपियों के पास से नोबेल पुरस्कार की रेप्लिका को भी बरामद कर लिया है।कैलाश सत्यार्थी कालकाजी स्थित अरावली अपार्टमेंट में रहते हैं। चोरों ने घर का ताला तोड़कर ज्वैलरी और दूसरी महंगी वस्तुओं सहित नोबेल प्राइज की रेप्लिका भी चुरा कर ले गए थे।इस मामले में नोबेल शांति पुरस्कार से सम्मानित कैलाश सत्यार्थी ने कहा था कि अपने नोबेल प्रशस्ति पत्र और उनकी मां की ओर से उनकी पत्नी को दिए गए गहनों की चोरी से वह दुखी हैं, क्योंकि वे परिवार के लिए बेशकीमती थे। उन्होंने यह भी कहा कि चोरी की इस घटना ने बच्चों की खातिर काम करने के इरादे को और मजबूत कर दिया और उन्होंने अतिरिक्त सुरक्षा लेने के बारे में नहीं सोचा है।सत्यार्थी ने कहा, मेरी पत्नी और मैं लातिन अमेरिका की अपनी यात्रा से आज वापस आया और हमें देखकर काफी दुख हुआ कि घर बिखरा पड़ा था। जब मैं रवाना हुआ था तो हर चीज सुरक्षित थी। मुझे लगा था कि मेरी नोबेल प्रतिकति और प्रशस्ति पत्र मेरे घर में मेरे देश के लोगों के पास सुरक्षित हैं, लेकिन ऐसी दुभार्ग्यपूर्ण घटना हो गई। सात फरवरी को सत्यार्थी के दक्षिण—पूर्व दिल्ली स्थित आवास से नोबेल शांति पुरस्कार की प्रतिकति और प्रशस्ति पत्र सहित कई अन्य सामानों की चोरी हो गई। पनामा के राष्ट्रपति, उनकी पत्नी और अन्य गणमान्य हस्तियों के साथ रात्रिभोज के दौरान सत्यार्थी को चोरी की इस घटना के बारे में पता चला।

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