कानपुर, वरिष्ठ संवाददाता/कानपुर रेल हादसों के मास्टरमाइंड शमसुल होदा से नेपाल में पूछताछ के दौरान एनआईए और अन्य सुरक्षा एजेंसियों की आशंकाएं सच साबित हुईं। सूत्रों के मुताबिक पूछताछ में होदा ने स्वीकार किया कि रेल हादसे साजिश का हिस्सा थे। उसने एजेंसियों को जानकारी दी है कि सभी निर्देश पाकिस्तान से मिल रहे थे। इसमें बिहार और उत्तर प्रदेश मुख्य टारगेट पर थे।बीते कई दिनों से एनआईए समेत अन्य सुरक्षा एजेंसियां शमसुल होदा से पूछताछ में जुटी थीं। उसने दाऊद से लेकर कई मुद्दों पर अहम जानकारियां दीं मगर रेल हादसों को लेकर चुप्पी साधे था। जबकि एजेंसियां उससे रेल हादसों को लेकर ही सूचनाएं उगलवाने में लगी थीं।शुक्रवार देर रात उसने स्वीकार कर लिया कि उसे देश के अलग-अलग हिस्सों में वारदात की जिम्मेदारी दी गई थी। पूछताछ में उसने एनआईए और अन्य अधिकारियों को जानकारी दी कि कानपुर समेत कई जगह हुए रेल हादसों में उसी का हाथ था।सारा प्लान उसी ने बनाया पर योजना कैसे और कब-कब बननी थी, यह उसे पाकिस्तान से बताया जा रहा था। पड़ोसी देश से उसे फोन पर सारे निर्देश दिए जा रहे थे। शमसुल के इन बयानों के बाद एनआईए अब उससे आगे की योजनाओं के बारे में जानकारी जुटाने में लगी है।गिरि के खातों को खंगालने में जुटी सीआईबी: घोड़ासहन बम प्लांट कांड व कानपुर रेल हादसे के मास्टर माइंड शमसुल होदा द्वारा लोगों को भेजे गये रुपयों की जांच शुरू कर दी गयी है। पुलिस व सीआईबी ऐसे खातों को खंगालने में जुट गयी है। हिमाल रेमिट बैंक की काठमांडू शाखा में ब्रजकिशोर गिरि के खातों को फ्रीज कराते हुए उसके कागजात को सील कर दिया है।शहर के आसपास तीन बड़े रेल हादसे हुए। 20 नवम्बर को पुखरांया में इंदौर पटना एक्सप्रेस ट्रेन पलट गई थी। इस हादसे में 152 लोगों की जाने गईं थीं और सैकड़ों घायल हुए थे।इसके बाद 28 दिसम्बर को रूरा में अजमेर सियालदाह एक्सप्रेस पलट गई थी। जिसमें 65 लोग घायल हुए। 31 दिसम्बर की देर रात मंधना कोसी गांव के पास अराजक तत्वों ने आरी से रेल पटरी काट दी थी। 30 पैनडॉल और क्लैम्प प्लेट निकाल ली थी मगर कोई बड़ा हादसा होता उससे पहले रेल अफसरों ने मौके पर पहुंच स्थिति सम्भाल ली।

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