-धरने पर सर्वसम्मति से हुआ प्रस्ताव पारित
-20 मार्च को सड़क पर होंगे जाटों को व्हीकल
जींद,(सन्नी मग्गू):अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति का ईक्कस गांव में चल रहा धरना आज 34वें दिन भी जारी रहा। आज के धरने की अध्यक्षता छोटूराम जांगड़ा नंबरदार जाजवान तथा सुरेश शर्मा छात्तर ने संयुक्त रुप से की। धरने पर सर्वसम्मति से किसी भी गांव में सरकार के मंत्री या विधायक को नहीं घुसने देने का प्रस्ताव पारित किया गया। सभी लोगों ने हाथ उठाकर इसका समर्थन किया। इसके साथ-साथ 20 मार्च को फिर से दिल्ली कूच की तैयारियां शुरु कर दी गई। इसमें कहा गया कि जिस-जिस व्यक्ति के पास जो-जो व्हीकल है, वह उस दिन सड़क पर होना चाहिए। धरने को संबोधित करते हुए छोटूराम जांगड़ा तथा सुरेश शर्मा ने कहा कि जाट समाज के साथ सरकार घोर अन्याय कर रही है। इसके लिए उनके समाज पूर्ण रुप से उनका साथ दे रहे हैं तथा जब तक यह आंदोलन चलेगा, उनका साथ जाट समाज के साथ रहेगा। भविष्य में भी जाट समाज को किसी प्रकार के सहयोग की जरुरत पड़ी तो वे पूर्ण रुप से तैयार हैं। समिति के जिला प्रधान कैप्टन भूपेंद्र सिंह जागलान ने कहा कि अब सरकार का बहिष्कार करने का समय आ गया है। उन्होंने सर्वसम्मति से लोगों से हाथ उठाकर किसी भी गांव में सरकार के मंत्री या विधायक को नहीं घुसने देने का प्रस्ताव रखा, जिसको सभी लोगों ने सर्वसम्मति से पास कर दिया। लोगों ने कहा कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं हो जाती, तब तक उनका यह बहिष्कार जारी रहेगा। कैप्टन ने कहा कि 20 को अब पूरे राशन-पानी के साथ दिल्ली पर चढ़ाई करनी है। इसके लिए जिस-जिस भी व्यक्ति के पास जो-जो साधन होगा, वह सड़क पर आएगा तथा दिल्ली संसद का घेराव किया जाएगा। उन्होंने कहा कि अपने-अपने साधन में लोग पूरा राशन-पानी लेकर चलेंगे क्योंकि दिल्ली घेराव के दौरान उन्हें कई दिनों का दिल्ली में ही बैठना पड़ सकता है। उन्होंने समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष यशपाल मलिक का रिकोर्डिड भाषण भी सुनाया, जिसमें यशपाल मलिक ने 20 मार्च के संसद घेराव की अपील की तथा कहा कि समाज का हर व्यक्ति उस दिन सड़क पर होना चाहिए। वीरभान ढुल ने कहा कि सरकार जाटों को कमजोर समझ रही है लेकिन अब सरकार को जाटों की असली ताकत का पता जल्द ही चल जाएगा। जाट समाज के साथ सरकार घोर अन्याय कर रही है। अब इस अन्याय को किसी भी सूरत में सहन नहीं किया जाएगा। समिति की राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य कैप्टन रणधीर सिंह चहल ने कहा कि 20 मार्च के बाद धरनों की बागडोर महिलाओं के हाथों में होगी तथा युवाओं को भी आंदोलन के लिए आगे लाया जाएगा क्योंकि युवा पिछले काफी दिनों से आंदोलन की बागडोर संभालने की मांग कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि वे शांतिपूर्वक धरने पर बैठे हैं लेकिन सरकार को यह रास नहीं आ रहा और वह किसी अनहोनी का इंतजार कर रही है। चहल ने कहा कि सरकार अब उनके धैर्य की परीक्षा ले रही है।
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धूप सिंह को शहीद का दर्जा दे सरकार
समिति की ओर से उपायुक्त को पत्र लिखकर वीरवार को धरने पर हृदय गति रुकने से मारे गए धूप सिंह को शहीद का दर्जा देने की मांग की। समिति ने मांग की कि धूप सिंह के परिजनों को 10 लाख रुपए मुआवजा तथा एक परिजन को सरकारी नौकरी दी जाए।

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