नई दिल्ली । यूपी विधानसभा चुनाव 2017 का चुनाव प्रचार खत्म होने के बाद कांग्रेस ने दिल्ली नगर निगम चुनाव के लिए बिगुल बजा दिया है। यूपी में चुनाव प्रचार खत्म के बाद आज राहुल गांधी ने रामलीला मैदान में रैली को संबोधित किया। अपने संबोधन में राहुल ने कहा कि भाजपा और कांग्रेस की विचारधारा में अंतर यह है कि हम मानते हैं कोई परम ज्ञानी नहीं है, हर व्यक्ति ज्ञानी है।राहुल ने कहा कि हमारी कोशिश सबको साथ लेकर चलने की रहती है। कच्ची बस्तियों को बचाने के लिए न तो केजरीवाल और न ही मोदी जी आगे आए। यह काम सिर्फ कांग्रेस ने किया। राहुल ने कहा केजरीवाल और मोदी ने जनता का वक्त बरबाद किया और नोटबंदी की लाइन में सिर्फ गरीब लोग की नजर आए। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तंज कसते हुए कांग्रेस नेता ने कहा कि पीएम ने बनारस से किया वादा पूरा नहीं किया और अब बनारस के लोग भाजपा और मोदी को हराने जा रहे हैं। राहुल गांधी की रैली की सफलता काफी हद तक एमसीडी चुनाव में कांग्रेस का प्रदर्शन तय कर सकती है। निगम चुनाव के लिए कांग्रेस ने नारा दिया है “बहाने नहीं विकास करेंगे”। टिकट बांटने में कार्यकर्ताओं का ख्याल रखने की बात कही जा रही थी। राहुल गांधी ने भी रैली में इसी बात का जिक्र करते हुए कहा कि सिर्फ जमीनी कार्यकर्ताओं को ही टिकट देंगे और नए लोगों को आगे बढ़ाएंगे। राहुल गांधी की रैली में स्थित उस वक्त हस्यास्पद हो गई जब रैली में राहुल गांधी के संबोधन से पहले लोग रैली स्थल छोड़कर बाहर जाने लगे। इस दौरान कुर्सियां भी खाली ही नजर आईं।

राहुल के संबोधन से पहले दिल्ली प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय माकन ने रैली को संबोधित करते हुए दिल्ली की सत्ता पर काबिज आम आदमी पार्टी पर जमकर वार किए। माकन ने कहा कि रामलीला मैदान में चार साल पहले ‘आप’ ने जनलोकपाल लाने की बात कही थी लेकिन अब तक पेश नहीं कर सकी है।

माकन ने कहा जनलोकपाल लागू हुआ तो सबसे पहले केजरीवाल और उनके मंत्री जेल जाएंगे। विधायकों की सैलरी बढ़ाने को लेकर भी माकन ने आम आदमी पार्टी पर तंज कसते हुआ कहा कि पार्टी का नाम आम आदमी पार्टी है लेकिन विधायकों की सैलरी 3 लाख रुपये प्रति माह करने की तैयारी चल रही है। फ्री वाई-फाई और डीटीसी की बसों की संख्या को लेकर भी कांग्रेस नेता ने ‘आप’ पर हमला किया।  15 सालों तक दिल्ली की सत्ता पर काबिज रही कांग्रेस फिलहाल दिल्ली की राजनीति में सबसे निचले पायदान पर है। कांग्रेस के पास दिल्ली में ना तो कोई विधायक है और ना ही लोकसभा सांसद। एमसीडी में भी कांग्रेस पिछले 10 साल से विपक्ष में है और ऐसे में दिल्ली की राजनीति में दमदार वापसी के लिए एमसीडी चुनाव ही एकमात्र रास्ता बचा है। पिछले साल दिल्ली के 13 वार्डों में नगर निगम का उपचुनाव हुआ था, जिसमें 5-5 सीटें ‘आप’ और कांग्रेस के खाते में गईं थीं। भाजपा के खाते में 3 सीटें गईं थीं। दिल्ली नगर निगम उपचुनाव के नतीजे से कांग्रेस पार्टी भी उत्साहित है। इसी को ध्यान में रखकर रामलीला मैदान में राहुल गांधी को उतारा गया है।

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