नई दिल्ली/देश भर में आज होली का त्योहार मनाया जाएगा। आज होली पूजन और होलिका दहन है। लेकिन खेलने वाली होली कल होगी। होली के त्यौहार का अपना एक अलग ही रंग होता है। पूरे साल लोग इस पर्व का इंतजार करते हैं। हर शहर में अलग-अलग अंदाज में होली मनाई और खेली जाती है। इसे आनंद और उल्लास के साथ मनाया जाता है। होली भारत में मनाया जाने वाला प्रमुख त्योहार है।

इस दिन खूब सारी मिठाईयां बांटी जाती हैं, कई पकवान बनते हैं और रंगों की धूम मचती है। बिहार, बंगाल, राजस्थान, पंजाब, यूपी, दिल्ली हर राज्य में होली अपने ढंग से मनाई जाती है। जैसे मथुरा और वृंदावन की होली खास होती है वैसे ही राजस्थान में भी होली कुछ खास होती है। मारवाड़ियों में अलग प्रथा से होली मनाई जाती है। यहां होली एक या दो दिन की नहीं होती है। बल्कि होली 16 दिन मनाई जाती है।

जी हां, होली के त्योहार के दूसरे दिन से ही यहां शुरू हो जाती है गणगौर पूजा। गणगौर माता की पूजा 16 दिन तक चलती है और फिर समाप्ति वाले दिन गुलाल खेला जाता है। आज लाइव हिन्दुस्तान आपको बताएगा क्या होती है गणगौर पूजा और क्यों मारवाड़ियों में खास होता है होली का ये त्योहार।

होली-दिवाली सबसे बड़ा त्योहार

मारवाड़ियों के लिए होली और दिवाली सबसे प्रमुख त्योहार होते हैं। इन दोनों त्योहारों पर मारावड़ियों में बहुत धूम मचती है। होली के बाद सारे त्योहार, पूजा, पर्व और व्रत खत्म हो जाते हैं। फागून के बाद से अगस्त यानी रक्षा बंधन श्रावण के महीने तक कोई पूजा-त्योहार नहीं होता है। इसलिए होली बहुत खास है।

नई दुल्हन के लिए क्यों खास है होली

वैसे तो होली सबके लिए खास है, लेकिन नई दुल्हन के लिए ये त्योहार ज्यादा ही खास है। क्योंकि होलिका दहन के वक्त नई दुल्हन होली माता के चारों ओर फेरे लेती है, अपने पति के साथ सात फेरों के बाद माता की पूजा करती है और दूसरे दिन से ही शुरू हो जाती गणगौर  माता की पूजा। अपने पति के साथ विवाहिता अपने मां के घर आती है और परिवार वालों के साथ होली खेलती है। 16 दिन तक गणगौर माता की पूजा वो अपने ही मईके से करती है।

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