इंफाल,गोवा, उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश में सत्ता पर अपना परचम लहराने के बाद आज मणिपुर में बीजेपी का शक्ति परीक्षण हुआ। विधानसभा में हुए शक्ति परीक्षण में भाजपा ने विश्वास मत साबित करने में सफलता पाई है। अब एन बीरेन सिंह मणिपुर के मुख्यमंत्री बने रहेंगे।

बता दें कि 11 मार्च को चुनावी नतीजे आने के अगले दिन बीजेपी ने सरकार बनाने का दावा पेश किया था। राज्य के विधानसभा चुनावों में बीजेपी भले ही दूसरे नंबर की पार्टी बनी हो लेकिन वह राज्य में पहली बार सरकार बनाने की स्थिति में आई।

इस चुनाव में कांग्रेस 28 सीटों के साथ नंबर एक की पार्टी बनकर उभरी जबकि बीजेपी ने 21 सीटें जीतीं। मणिपुर की 60 सदस्यों वाली विधानसभा में दोनों ही प्रमुख पार्टियां 31 सीटों का जादुई आंकड़ा पार करने में नाकाम रहीं हैं। दरअसल बीजेपी को नैशनलिस्ट पीपल्स पार्टी (एनपीपी) और एलजेपी से समर्थन मिल गया है। कांग्रेस और बीजेपी के अलावा एनपीपी और नगा पीपुल्स फ्रंट (एनपीएफ) को 4-4 सीटें मिली हैं। एलजेपी, तृणमूल कांग्रेस और निर्दलीय के खाते में भी एक-एक सीट गई है।

बीजेपी एनपीपी के 4, एनपीएफ के 4, लोक जनशक्ति पार्टी के 1, तृणमूल कांग्रेस के 1 विधायक का समर्थन होने का दावा कर रही है। इसके अलावा एक निर्दलीय उम्मीदवार ने भी बीजेपी को समर्थन देने का ऐलान किया है।

वी हांगखालियान बने कार्यवाहक विधानसभाध्यक्ष

इससे पहले रविवार को बीजेपी विधायक वी हंगखालियान ने आज मणिपुर विधानसभा के कार्यवाहक विधानसभाध्यक्ष के तौर पर शपथ ली। मणिपुर की राज्यपाल नजमा हेप्तुल्ला ने यहां राजभवन में आयोजित एक कार्यक्रम में कार्यवाहक विधानसभाध्यक्ष हंगखालियान को शपथ दिलायी।

मणिपुर के मुख्यमंत्री एन बिरेन सिंह, उप मुख्यमंत्री वाई जयकुमार और अन्य शीर्ष प्रशासनिक और पुलिस अधिकारी शपथग्रहण समारोह में शामिल हुए। हंगखालियान बीजेपी के टिकट पर चुराचांदपुर से विधानसभा चुनाव जीते हैं। कार्यवाहक विधानसभाध्यक्ष के तौर पर शपथ ग्रहण करने के बाद हंगखालियान ने नवनिर्वाचित विधायकों को मणिपुर विधानसभा परिसर में शपथ दिलाई।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here