आज शहीद भगत सिंह, सुखदेव एवं राजगुरू के बलिदान दिवस के अवसर पर दौलताबाद स्थित पवन पुत्र व्यामशाला एवं करुणा जनकल्याण सेवा समिति द्वारा अखाड़े में हवन यज्ञ एवं भंडारे कार्यक्रम का आयोजन किया गया । जिसमें व्यामशाला एवं ग्राम वासियों ने बढ़ – चढ़कर भाग लिया। सर्वप्रथम लोगों ने हवन यज्ञ में आहूति डाली उसके पश्चात शहीदों के चित्रों पर फूल अर्पित करकर उन्हें श्रद्धांजलि दी। करुणा जनकल्याण सेवा समिति के प्रदेशाध्यक्ष परमजीत सिंह ने कहा कि 23 मार्च 1931 की रात को भगत सिंह,चंद्रशेखर एवं राजगुरु की देशभक्ति को अपराध की संख्या देकर फाँसी पर लटका दिया गया। उन्होंने बताया कि मृत्युदंड के लिए 24 तारिक निर्धारित की गई थी, लकिन किसी बड़े जनआक्रोश के डर से  डरी हुई अंग्रेज सरकार ने 23 मार्च की रात्रि को ही इन क्रांतिवीरों की जीवनलीला समाप्त कर दी। रात के अंधेरे में ही सतलुज नदी के किनारे इनका अंतिम संस्कार भी कर दिया। वहीँ सत्यदेव शास्त्री जी ने बताया कि आज शहीदों की कुर्बानियों के बदौलत ही हम खुली हवा में सांस ले रहे हैं। शास्त्री जी ने बताया कि आज हमें उन शहीदों के जीवन से प्रेरणा भी लेनी चाहिए जिन्होंने अपनी युवा अवस्था में इस देश के लिए, देश की आज़ादी के लिए अपने प्राण हँसते –  हँसते कुर्बान कर दिए परंतु आज के हमारे युवा साथी नशे की लत में पड़ते जा रहे है। हवन की समाप्ती पर सभी को फल एवं हलवे के प्रसाद का भी वितरण किया गया। भंडारे का आयोजन भी सभी लोगों के लिए किया गया। इस अवसर पर सवपन जांघू , मनोज, करण, प्रदीप कोच, नरेन्द्र, संजीव, अंकित, आदित्य, अक्षय, नीरज, भीम सिंह, पदम एवं गाँव के सभी गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

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