रोहतक, /  महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा विधवा व बेसहारा महिलाओं के लिए योजना चलाई जा रही है, जिसके तहत विधवा, बेसहारा व तलाकशुदा महिलाएं महिला आश्रम में रह सकती है।
महिला आश्रम की अधीक्षक बिमला शर्मा ने बताया कि महिला आश्रम में प्रवेश हेतु प्रार्थना पत्र मुफ्त दिया जाता है। उन्होंने कहा कि प्रवेश के समय महिला की आयु 45 वर्ष से कम होनी चाहिए। महिला के लडक़े की आयु 16 वर्ष होने के उपरांत संस्था से निष्कासित कर दिया जाता है और 16 वर्ष से ऊपर की आयु के लडक़े की यदि इच्छा हो तो उसे सोनीपत में राजकीय उत्तर रक्षा गृह में पढऩे के लिए भेजा जाता है, जिसकी पढ़ाई का सारा खर्चा सरकार द्वारा वहन किया जाता है।
उन्होंने बताया कि संस्था में संवासी को मकान, बिजली, पानी व बच्चों की पढ़ाई का खर्चा व चिकित्सा मुफ्त दी जाती है व समय समय पर मैडिकल चैकअप भी करवाया जाता है। परिवार के प्रत्येक सदस्य को 750 रूपये प्रतिमाह कैश डोल (कपड़ा, भत्ता व राशन मनी) दिया जाता है तथा अकेली रहने वाली महिला को 850 रूपये प्रतिमाह भत्ता दिया जाता है। बहरी गरीब महिलाओं को 6 महीने का सिलाई कढ़ाई का प्रशिक्षण दिया जाता है प्रशिक्षण के दौरान कच्चा माल व 75 रूपये  प्रतिमाह स्टाईफंड के रूप में दिए जाते हैं।
संस्था में रहने वाली संवासियों की लडक़ी की आयु 18 वर्ष होने पर उनकी शादी के समय 15000 रूपये की अनुदान राशि दी जाती है। इसके लिए पूर्ण  दस्तावेज शादी से एक माह पूर्व कार्यालय में जमा करवाए जाते हैं। यदि कोई संवासी अपनी इच्छा से संस्था छोडक़र जाती है या निष्कासित की जाती है तो उनके आश्रितों सहित 6 माह की डिस्पर्सल ग्रांट  दी जाती है और महिला को 5 वर्ष के लिए प्रवेश दिया जाता है। यदि रिव्यू कमेटी की सिफारिश आती है, तो इस अवधि को बढ़ाया भी जा सकता है। इस बारे अधिक जानकारी के लिए महिला आश्रम की अधीक्षक के दूरभाष नम्बर 01262-283337 पर सम्पर्क किया जा सकता है।

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