मुंबई। एसएस राजामौली की 2015 में रिलीज़ हुई ‘बाहुबली- द बिगिनिंग’ एक बार फिर रिलीज़ की जा रही है। दोबारा रिलीज़ होने पर फ़िल्म बॉक्स ऑफ़िस पर क्या गदर मचाएगी, ये तो अभी नहीं कहा जा सकता, मगर इससे इंकार नहीं किया जा सकता कि इन दो सालों में बाहुबली, सिर्फ़ एक फ़िल्म नहीं रही, कल्ट बन चुकी है।

बाहुबली सीरीज़ का दूसरा भाग ‘बाहुबली- द कंक्लूज़न’ 28 अप्रैल को रिलीज़ हो रही है। मेकर्स ने पार्ट 2 से दर्शकों को भलीभांति कनेक्ट करने के लिए इसके पहले भाग को री-रिलीज़ करने की स्ट्रेटजी बनाई है। ‘बाहुबली- द कंक्लूज़न’ 7 अप्रैल को सिनेमाघरों में आएगी, इसकी पहली रिलीज़ से ठीक तीन दिन पहले। फ़िल्म 2015 में 10 अप्रैल को रिलीज़ हुई थी। फ़िल्म के हिंदी वर्ज़न को 1000 स्क्रींस पर रिलीज़ किया जा रहा है। इतनी बड़े पैमाने पर कोई हिंदी फ़िल्म री-रिलीज़ नहीं की गई है। करण ने इसकी जानकारी ट्वीट करके दी हैहिंदी सिनेमा के दर्शक अगर अपनी मैमोरी को 2 साल पीछे ले जाएं, तो उनके लिए बाहुबली किसी साउथ इंडियन फ़िल्म के डब संस्करण से ज़्यादा नहीं थी, मगर रिलीज़ के बाद कहानी कुछ और बन गई। ‘बाहुबली’ 100 करोड़ से ज़्यादा कलेक्शन करने वाली किसी भी भाषा की पहली डब फ़िल्म बन गई। ‘बाहुबली’ के हिंदी संस्करण ने लगभग 120 करोड़ का कलेक्शन किया था, जबि फ़िल्म का कुल कलेक्शन 600 करोड़ रहा था। बाहुबली- बिगिनिंग के हिंदी संस्करण को करण जौहर ने प्रेजेंट किया था। बाहुबली की शोहरत से निकला कटप्पा का कल्ट सोशल मीडिया में छा गया। कटप्पा ने बाहुबली को क्यों मारा?, मीम और जोक्स की सूरत में सोशल मीडिया में नुमायां होने लगे। हिंदी सिनेमा का इतिहास उठाकर देखें तो साउथ इंडियन सिनेमा के सितारों को हिंदी दर्शकों के दिलों में जगह बनाने में वक़्त लगा है, मगर प्रभास, राणा डग्गूबाती और तमन्ना को बाहुबली ने हिंदी बेल्ट में रातोंरात मशहूर कर दिया। बाहुबली- द बिगिनिंग’ ने दक्षिण भारतीय सिनेमा के लिए दर्शकों के अंदर एक नया नज़रिया पैदा किया। अब, जबकि फ़िल्म 7 अप्रैल को फिर रिलीज़ हो रही है, तो ‘बाहुबली’ दर्शकों के लिए सिर्फ़ डब वर्ज़न नहीं होगी।

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