नई दिल्ली।शराब पीकर गाड़ी चलाना आने वाले दिनों में लोगों को महंगा पड़ेगा। नशे की हालत में गाड़ी चलाते पकड़े जाने पर 10 हजार रुपये का जुर्माना भरना पड़ेगा। अभी यह 2000 रुपये था। इस संबंध में लोकसभा में शुक्रवार को एक महत्वपूर्ण विधेयक पेश किया गया।

केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने बिल पेश करते हुए कहा कि वर्ष 1988 के मोटर यान कानून में 30 साल बाद संशोधन के लिए यह विधेयक लाया गया है। उन्होंने बिल को जल्द से जल्द पारित करने की सदन से अपील की। उन्होंने शराब पीकर होने वाले हादसों के लिए कम प्रभावी ड्राइविंग लाइसेंस नियमों से लेकर यातायात नियमों को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने कहा कि जनता में यातायात नियमों के प्रति न सम्मान है और न ही डर।

ई-गर्वनेंस अनिवार्य
गडकरी ने बताया कि बिल में यातायात नियमों और ड्राइविंग लाइसेंस जारी करने के संबंध में राज्यों के लिए ई-गर्वनेंस को अनिवार्य किया गया है। उन्होंने कहा कि दुनिया में भारत एक ऐसा देश है जहां ड्राइविंग लाइसेंस बहुत आसानी से मिल जाता है और एक व्यक्ति चार राज्यों में जाकर ड्राइविंग लाइसेंस बनवा लेता है।

घर बैठे आवेदन
परिवहन मंत्री ने कहा कि लोग अब घर बैठे लर्निंग लाइसेंस के लिए आवेदन कर सकेंगे लेकिन स्थायी लाइसेंस बनवाने के लिए कंप्यूटर के जरिए परीक्षा देनी होगी। उन्होंने कहा कि नेता, अभिनेता या पत्रकार चाहे कोई भी हो, सभी को परीक्षा देकर ही लाइसेंस मिल सकेगा।

प्रशिक्षित ड्राइवरों की कमी
गडकरी ने कहा कि देश में 22 लाख प्रशिक्षित ड्राइवरों की कमी है और मोटर यान कानून में संशोधन से लोगों को रोजगार के साथ ही सड़क हादसों में भी कमी लाने में मदद मिलेगी।

सड़क सुरक्षा बोर्ड का गठन होगा
मंत्री ने कहा कि नए कानून के प्रभावी होने के बाद यदि मंत्री भी यातायात नियमों का उल्लंघन करता है तो कैमरों के जरिए जुर्माना पर्ची डाक से घर पहुंचा दी जाएगी। उन्होंने बताया कि जल्द ही सरकार एक राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा बोर्ड का गठन करने जा रही है जिसके बाद सुरक्षित यातायात के संबंध में एक अभियान चलाया जाएगा।

ठेकेदारों की जवाबदेही तय की जाए: कांग्रेस
कांग्रेस केकेसी वेणुगोपाल ने विधेयक को ऐतिहासिक बताते हुए इसका समर्थन किया। हालांकि उन्होंने खराब सड़कों को भी सड़क हादसों का एक मुख्य कारण बताया और सड़कों का निर्माण करने वाले ठेकेदारों की जवाबदेही तय करने के लिए विधेयक में प्रावधान किए जाने की मांग की। उन्होंने नशे में गाड़ी चलाने पर भारी जुर्माना को अपर्याप्त बताते हुए इसे गैर इरादतन हत्या की श्रेणी में शामिल करने को कहा।

वाहन नीलाम कर दिया जाए
बीजद के तथागत सथपति ने मांग की कि बिल में प्रावधान होना चाहिए कि नशे में गाड़ी चलाने और गंभीर रूप से यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों का वाहन जब्त कर नीलाम कर दिया जाए और उनका लाइसेंस हमेशा के लिए निरस्त कर दिया जाए।

शराब का दुष्प्रभाव

  • 5 लाख से अधिक सड़क हादसे हर साल होते हैं
  • 1.5 लाख लोगों को अपनी जान से हाथ धोना पड़ता है

नए विधेयक में क्या
अब ड्राइविंग लाइसेंस को आधार से जोड़ा जाएगा, जिससे गाड़ियों का रजिस्ट्रेशन डीलर ही करेगा। रजिस्ट्रेशन, ड्राइविंग लाइसेंस के लिए ई-रजिस्ट्रर बनेगा और स्क्रैपिंग के लिए अलग गाइडलाइंस बनेगी। अब लाइसेंस के लिए ऑनलाइन आइडेंटिटी वेरिफिकेशन जरूरी कर दिया गया है।

ट्रैफिक नियम तोड़ने पर भारी जुर्माना
हेलमेट न लगाने पर 25 सौ रुपये, लाल बत्ती तोड़ने पर 1000 रुपये, सीट बेल्ट न लगाने पर 1000 और वाहन चलाते हुए मोबाइल पर बात करने पर 5,000 रुपये जुर्माना लगेगा। किसी नाबालिग की गाड़ी से दुर्घटना में मौत होने पर उसके परिजनों पर 25,000 रुपये तक का जुर्माना और 3 साल तक की कैद का प्रावधान किया गया है।

अब सड़क दुर्घटना में मौत होने पर उनके परिजनों को 4 महीने के भीतर मुआवजे के रूप में 5 लाख रुपये मिलेंगे, जबकि पहले इसमें 5 साल तक लग जाते थे। इसके अलावा आपका लाइसेंस भी रद्द हो सकता है। लाइसेंस नियमों के उल्लंघन पर 25 हजार से 1 लाख तक का जुर्माना लगाया गया है।

सरकारी कर्मचारियों पर दोगुना जुर्माना
नए मोटर व्हीकल एक्ट के तहत सरकारी कर्मचारियों के नियम तोड़ने पर 2 गुना जुर्माना भरना होगा। वहीं ओला-उबर भी इस नीति के दायरे में आएंगे।

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