चण्डीगढ़, 14 अप्रैल – हरियाणा में पर्यटन स्थली के छोटे से कस्बे पिहोवा मेंं तैयार की गई लघु फिल्म दा पवन दादा साहब फाल्के आवार्ड की दौड़ में शुमार हो चुकी है। इस आवार्ड की श्रेणी के लिए नॉमीनेट फिल्मों में दा पवन को शामिल कर लिया गया है। अहम पहलु यह है कि यह फिल्म हरियाणा अंतर्राष्ट्रीय लघु फिल्म महोत्सव मेें 15 अप्रैल को सायं के सत्र में दिखाई जाएगी और इस फिल्म को पिहोवा के प्रसिद्ध समाज सेवी और चिकित्सक सुदर्शन चुघ द्वारा तैयार किया गया हैं।
दादा साहब फाल्के आवार्ड के लिए नॉमीनेट की गई फिल्मों में शामिल किए जाने पर कुरुक्षेत्र का नाम पूरी दुनिया में रोशन होगा। दा पवन फिल्म ने यह साबित भी कर दिया है कि कुरुक्षेत्र सही मायनों में हरियाणा की सांस्कृतिक राजधानी है। इस धरा के कण-कण में अनोखी विरासत छिपी हुई हैं। इसी विरासत को आम नागरिक तक पहुंचाने के उद्देश्य से ही इस फिल्म को तैयार करने का बीड़ा डा. सुदर्शन चुघ ने उठाया।
वृद्ध पिता पर आधारित इस लघु फिल्म में जीवन के हर पहलू को बारीकी से दिखाया गया है। लिहाजा दमदार स्टोरी एवं जबरदस्त अभिनय के बूते ही फिल्म आवार्ड की दौड़ में है। फिल्म में डॉ. सुदर्शन चुघ एवं विभा चुघ ने मुख्य अभिनय किया है।
कुरूक्षेत्र के उपायुक्त सुमेधा कटारिया के मार्गदर्शन में इस बेहतरीन फिल्म को तैयार किया गया है। उपायुक्त ने डा. सुदर्शन चुघ और उनकी धर्मपत्नी विभा चुघ को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि इस फिल्म का नॉमीनेशन आवार्ड के लिए जरूर हो, इसके लिए दुआए की जाएंगी। इस महोत्सव में दा पवन फिल्म को शामिल करके गर्व की अनुभूति हो रही है कि कुरुक्षेत्र की पावन धरा पर बनी फिल्म पूरी दुनिया के सामने रखी जाएगी। इस प्रकार की फिल्मों से सभी को प्रेरणा लेनी चाहिए।
फिल्म की कहानी पर प्रकाश डालते हुए डॉ. सुदर्शन चुघ ने बताया कि दा पवन एक वृद्ध व्यक्ति पर आधारित कहानी है। जो खुशी का भ्रम पैदा करने के लिए संघर्ष करता है। वह शतरंज के खेल के माध्यम से जीवन के रहस्यों को समझने की कोशिश करता है। फिल्म में दिखाया गया है वह शतरंज एवं जीवन के समान नियमों पर काम करता है। उसका बेटा विक्रम सेना में कार्यरत है। घर में शादी की तैयारियों का माहौल है, शादी में केवल दो सप्ताह बचे हैं। शादी के कुछ हफ्ते पहले आतंकी हमले में विक्रम शहीद हो जाता है। पवन शर्मा अपने बेटे की मौत को स्वीकार किए बिना ही जिंदगी को शतरंज की तरह जीने की कोशिश करता है। डॉ. सुदर्शन चुघ बताते हैं कि फिल्म सरस्वती मिशन प्रोडक्शन द्वारा फिल्मायी गई है। फिल्म डायरेक्टर डॉ. विश्वजोत एवं नेहा शर्मा हैं। फिल्म की स्टोरी डॉ. नेहा शर्मा द्वारा लिखी गई है जबकि कैमरे पर मुकेश डोलिया ने साथ दिया है।

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