नई दिल्ली  । नगर निगम चुनाव में कांग्रेस को विरोधी पार्टियों के साथ ही अपने बागी नेताओं से दो चार करना पड़ रहा है। टिकट नहीं मिलने के कारण ये बागी अब कांग्रेस प्रत्‍याशियों के खिलाफ लामबंद हो रहे हैं।इन बागियों का आरोप है कि टिकट वितरण बड़े पैमाने पर धांधली की गई है। कई बड़े नेता चुनाव प्रचार से दूरी बनाए हुए हैं वहीं, जिला व ब्लाक के पदाधिकारी भी बगावत का झंडा बुलंद कर रहे हैं।

अब तक इन नेताओं को मनाने की कोशिश हो रही थी लेकिन अब इनके साथ सख्ती करने का फैसला किया है। इसकी शुरुआत श्रीनिवासपुरी ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष राजेंद्र चौधरी को पार्टी से बाहर का रास्ता दिखाने के साथ हुई है।दिल्ली प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय माकन ने चौधरी को पार्टी विरोधी गतिविधियों में शामिल होने का आरोप लगाते हुए कांग्रेस से छह वर्षों के लिए निकाल दिया है।कांग्रेस नेताओं का कहना है कि पार्टी के घोषित प्रत्याशियों के खिलाफ काम करने वाले नेताओं पर नजर रखी जा रही है। ऐसे नेताओं की सूची भी तैयार की जा रही है, जिनके कारण पार्टी को निगम चुनाव में नुकसान हो रहा है। आने वाले दिनों में कुछ और नेताओं को पार्टी से बाहर का रास्ता दिखाया जाएगा।दरअसल 30 से ज्यादा वार्डों में कांग्रेस उम्मीदवारों को बागियों से चुनौती मिल रही है। इनमें दो पार्षद, कई ब्लॉक अध्यक्ष और अन्य पदाधिकारी शामिल हैं।

वहीं, कई वार्डों में टिकट नहीं मिलने से नाराज नेता दूसरी पार्टी के उम्मीदवारों को समर्थन कर रहे हैं। कई नेता भाजपा व आम आदमी पार्टी का भी दामन थाम रहे हैं। इससे प्रदेश नेतृत्व चिंतित है।बताते हैं कि बागियों के बारे में केंद्रीय नेतृत्व को भी जानकारी दी गई है। वरिष्ठ नेताओं से अनुमति मिलने के बाद अब कठोर कार्रवाई करने का फैसला किया गया है, जिससे कि पार्टी में अनुशासन बना रहे।

लेकिन, पार्टी के लिए अनुशासनात्मक कार्रवाई करना इतना आसान भी नहीं है। क्योंकि इससे पार्टी में असंतोष बढ़ सकता है। इसलिए पार्टी प्रत्येक कदम फूंक-फूंककर रख रही है। अभी भी नेताओं को मनाने की कोशिश जारी है।

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