सोनीपत। शहर के देवनगर में रहने वाले युवक दीपक ने शनिवार रात को फेसबुक पर लाइव होकर अपने घर में पंखे से लटककर आत्महत्या कर ली। फेसबुक पर लाइव आत्महत्या करने के इस सनसनीखेज मामले में कई बातें सामने आई है। फेसबुक पर लाइव होने और फंदे पर लटकने से पहले दीपक ने दीवार पर दिल्ली पुलिस के दो जवान और एक स्थानीय महिला पुलिसकर्मी को इसके लिए जिम्मेदार ठहराया है। दीपक ने 60 पन्ने की डायरी में भी अपनी मौत की पूरी कहानी लिखी है। डायरी के अंतिम पेज पर उसने अपने पिता के नाम संदेश लिखा है।उसने लिखा है, पापा, सच सबके सामने लाना। उसने लिखा है, मैं गलत नहीं हूं पापा, समझौता मत करना। जिस समय दीपक ने आत्महत्या की उस समय वह घर में अकेला था। माता-पिता मथुरा गए हुए थे। आत्महत्या से पूर्व उसने अपने बेटे के साथ एक फोटो पोस्ट की और फिर लाइव वीडियो चलाकर पंखे में फंदा लगाकर झूल गया। इस दौरान उसे कुछ फेसबुक फ्रेंड के अलावा मथुरा गई उसकी बहन भी ऑनलाइन थी। बहन ने तुरंत सोनीपत में अपने परिचित को फोन कर घर जाकर देखने को कहा, लेकिन तब तक देर हो चुकी थी। दीपक इससे पूर्व अपनी पत्नी और बच्चे को अपने परिचित के यहां छोड़ आया था। परिचितों ने इसकी सूचना पुलिस को दी।

मेरी मौत का जिम्मेदार सिर्फ और सिर्फ …

मरने से पहले दीवार पर लिखे सुसाइड नोट में दीपक ने लिखा है कि मेरी मौत के जिम्मेदार सिर्फ और सिर्फ सुरेश वत्स और उषा बोस है। सुरेश वत्स ने मुझे जाने से मारने की धमकी दी। उषा के सुरेश वत्स और अरविंद के साथ संबंध हैं। मुझे छह महीने पहले ही इसका पता चला था। इसके लिए सुरेश ने जान की धमकी भी दी थी। मैंने इनकी बात अपनी डायरी में लिखी है। इसलिए खुद ही डर कर अपनी जान ले रहा हूं। उषा के बारे में मैने विपेंद्र को भी बताया जो एएसआइ है। मरने से पहले उसने दीवार पर तीनों के नंबर भी लिखे हैं।डायरी को पुलिस ने लिया कब्जे में

सुसाइड नोट में जिन तीन नामों का उल्लेख है, उन तीनों के इर्द-गिर्द की घटनाओं को पिछले काफी समय से वह अपनी डायरी में नोट कर रहा था। डायरी में उसने अपने बारे में और मौत के लिए जिम्मेदार ठहराए गए तीनों की बातें लिखी हैं। डायरी को पुलिस ने अपने कब्जे में ले लिया है। इसके अलावा वाट्सएप चैटिंग व फोन की कुछ रिकार्डिंग भी पुलिस के हाथ लगी है।तीनों के खिलाफ मामला दर्ज 

सिटी थाना पुलिस को दीपक के पिता रमेश ने शिकायत दी है। शिकायत में कहा गया है कि दीपक पिछले कई दिनों से परेशान चल रहा था, लेकिन उसने कुछ नहीं बताया। उनका परिवार घूमने के लिए मथुरा गया था। वहीं दीपक का फोन आया और अपनी बहन से बात की। वह रोने लगा था और बताया कि मेरी जान को ऊषा बोस, सुरेश वत्स और अरविंद से खतरा है।मोबाइल और डायरी को कब्जे में ले लिया है। सुसाइड नोट में लिखे तीन पुलिसकर्मियों के खिलाफ आत्महत्या के लिए मजबूर करने सहित विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है और जांच की जा रही है। आरोपियों की गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं। – सुवित, जांच अधिकारी, सिटी थाना

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