केनोशा (वाशिंगटन), एजेंसी। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने देश में अत्यधिक कौशलयुक्त नौकरियों में विदेशी कामगारों को मौका देनेवाले वीजा कार्यक्रम की समीक्षा करने के आदेश दिये हैं और उन्होंने तकनीकी और आउटसोर्सिंग कंपनियों को नोटिस देकर सूचित किया कि इसमें भविष्य में संभावित बदलाव हो सकते हैं।

ट्रंप ‘अमेरिका फर्स्ट’ के तहत चलाये गये अभियान को आगे बढ़ाते हुए एच-1 बी वीजा कार्यक्रम पर कल एक कार्यकारी आदेश पर हस्ताक्षर किए थे। ट्रंप ने आदेश पर हस्ताक्षर करने के बाद कहा, ‘हमारे इमिग्रेशन सिस्टम में गड़बड़ी की वजह से हर तबके के अमेरीकियों की नौकरियां विदेशी कामगारों के हिस्से जा रही हैं। कंपनियां, कम वेतन देकर विदेशियों को नौकरी पर रख लेती हैं जिससे अमेरीकियों की नौकरियां मारी जा रही हैं। ये सब अब खत्म होगा। लंबे समय से अमेरिकी कर्मचारी वीजा प्रक्रिया के दुरुपयोग को ख़त्म करने की मांग करते रहे हैं।’

भारतीयों को नुकसान: अमेरिका के बाद ऑस्ट्रेलिया ने बदले वीजा नियम

इस तरह के परिवर्तन से टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज लिमिटेड, कॉग्निजेंट टेक सॉल्यूशंस कॉर्प और इन्फोसिस लिमिटेड जैसे कंपनियों पर असर पड़ सकता है जहां पर हजारों विदेशी इंजीनियरों और प्रोग्रामर को मौका मिलता है। किसी ने इसपर अभी तक कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है। इस तरह के कदम से भारतीय कामगारों पर असर पड़ेगा जिन्हें हर वर्ष सर्वाधिक एच-1 वीजा जारी किया जाता है।

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