मथुरा। आज के प्रतिस्पर्धामयी युग में शैक्षणिक ज्ञान के अलावा व्यवहारिक ज्ञान की बहुत उपयोगिता है। इसी कड़ी में जीएलए विश्वविद्यालय, मथुरा (उ.प्र.) के बीबीए, बीबीए फैमिली बिजनेस और बी.काॅम (आॅनर्स) के छात्रों ने राष्ट्रपति भवन का भ्रमण किया। भ्रमण के दौरान राष्ट्रपति भवन के टूर गाइड बी.के. शर्मा ने भवन के इतिहास को बताया।
राष्ट्रपति भवन से नियुक्त किये गए टूर गाइड बीके शर्मा ने बीबीए, बीबीए फैमिली बिजनेस और बी.काॅम (आॅनर्स) के छात्रों को बताया कि भवन का निर्माण सन् 1911 में षुरू हुआ, लेकिन 1912 में द्वितीय विश्वयुद्ध के शुरू होने के कारण निर्माण कार्य में बाधाएं उत्पन्न हो गयीं और कार्य को रोकना पड़ा। उन्होंने बताया कि पुनः इसका निर्माण शुरू हुआ और 1929 में इसकी पूरी इमारत बनकर तैयार हुयी। जिसके उपरांत अगले दो साल इसको रहने लायक बनाने में लगे।
उन्होंने बताया कि पहले इस भवन को गर्वनर हाऊस का नाम दिया गया, लेकिन 1950 में जब भारत गणंतत्र बना और हमारे प्रथम राष्ट्रपति डाॅ. राजेन्द्र प्रसाद रहने आये तो इसका नाम बदलकर राष्ट्रपति भवन कर दिया गया। उन्होंने बताया कि वैसे तो इस भवन में 360 कक्ष हैं, लेकिन मुख्य रूप से तीन कक्ष क्रमश: दरबार हाॅल, अशोका हाॅल और वैंक्वेट हाॅल की शोभा देखते ही बनती है। इस भवन का पूरा परिसर 365 एकड़ में फैला हुआ है। इसी भवन में एक पुस्तकालय भी है, जिसके अंदर देश-विदेश के शिक्षकों और शिक्षाविदों द्वारा लिखी गयी 3000 से ज्यादा पुस्तकों का संग्रह है।
इस परिसर में एक भव्य उद्यान भी है। जिसको हम मुगल गार्डन के नाम से जानते हैं, जो कि श्रीनगर के शालिमार गार्डन की तर्ज पर बना है।
इंस्टीट्यूट आॅफ बिजनेस मैनेजमेंट के निदेशक तथा प्रतिकुलपति प्रो. आनंद मोहन अग्रवाल ने छात्रों के राष्ट्रपति भवन से लौटने पर हर्ष व्यक्त किया और छात्रों को आष्वासन दिया कि इसी तरह के भ्रमण समय-समय पर आयोजित कराये जाते रहेंगे।
विभागाध्यक्ष प्रो. सोमेश धमीजा ने बताया कि विश्वविद्यालय की ओर से छात्रों के व्यक्तित्व विकास हेतु समय-समय पर ऐसे शैक्षणिक भ्रमण आयोजित कराये जाते हैं। जिससे की छात्रों को शिक्षण के अलावा भी देश की विभिन्न गतिविधियों के बारे में जानकारी मिलती रहे।
छात्रों का भ्रमण विभाग के षिक्षक ऋतेश शर्मा, कृश्णवीर सिंह, विजय कुमार एवं शभी अग्रवाल के नेतृत्व में सम्पन्न हुआ।
भ्रमण से लौटे छात्रों ने विश्वविद्यालय प्रशासन का आभार जताया।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here