श्रीलंकाई तेज गेंदबाज लसित मलिंगा को मंजूरी लिए बिना मीडिया में बयान देकर अनुबंध तोड़ने का दोषी पाया गया है। इसके चलते उन पर 6 महीने का प्रतिबंध लगाया गया है। यह जानकारी मंगलवार को श्रीलंका क्रिकेट बोर्ड ने दी। फिलहाल मलिंगा पर छह महीने का प्रतिबंध लगा दिया है। अनुशासनात्मक जांच के बाद उन्हें अनुबंध तोड़ने का दोषी पाया गया और उन पर अगले वनडे मैच में 50 प्रतिशत मैच फीस का जुर्माना भी लगाया जाएगा।
मलिंगा मंगलवार को बोर्ड की विशेष जांच समिति के सामने उपस्थित हुए। वहां उन्होंने अपने खिलाफ आरोप स्वीकार किए और फिर औपचारिक रूप से माफी मांगी। श्रीलंका क्रिकेट (एसएलसी) की ओर से कहा गया, ‘विशेष रूप से आयोजित कार्यकारी समिति की बैठक में उन पर एक साल का निलंबन लगाया गया और छह महीने के लिए निलंबित किया गया (यदि वह दोबारा इस तरह का उल्लंघन करते हैं तो उन्हें छह महीने की अवधि के लिए दोबारा प्रतिबंधित कर दिया जाएगा) और उन्हें अगले वनडे मैच की 50 प्रतिशत फीस जुर्माने के तौर पर देनी होगी। ’
यह जांच मलिंगा के अपने देश के खेल मंत्री दयासिरी जयशेखरा के खिलाफ कुछ टिप्पणियां करने की वजह से शुरू की गई थी। मलिंगा ने लंदन में हुई चैंपियंस ट्रॉफी से लौटने के बाद दो बार समझौते की शर्तो का उल्लंघन किया। इन शर्तो के अनुसार वह एसएलसी के सीईओ से पूर्व मंजूरी लिए बगैर मीडिया में कोई बयान नहीं दे सकते हैं।
श्रीलंका के चैंपियंस ट्रॉफी से जल्दी बाहर होने के बाद जयशेखरा ने खिलाड़ियों के फिटनेस स्तर पर सवाल उठाए थे और कहा था कि भविष्य का चयन क्रिकेटरों की फिटनेस पर निर्भर करेगा। श्रीलंका का क्षेत्ररक्षण अच्छा नहीं रहा था और उसके खिलाड़ियों ने कई कैच गिराए थे। इसके बाद मलिंगा ने खेल मंत्री के क्रिकेट ज्ञान का खुलेआम मजाक उड़ाया था और कहा था कि किसी भी मैच में कैच छूट सकते हैं। उन्होंने कहा था कि जब श्रीलंका ने लीग चरण में भारत को हराया था तो किसी ने भी फिटनेस का मसला नहीं उठाया था।

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