कारगिल युद्ध को यूं तो 18 वर्ष बीत चुके हैं, लेकिन इस पर अपनी जीत का तिरंगा लहराने वालों और इसके लिए अपनी जान न्‍यौछावर करने वालों के लिए यह न भूलने वाली कहानी है। पाकिस्‍तान के ना-पाक इरादों के बाद जो युद्ध भारत पर थोपा गया था, उसमें जीत हासिल करने के लिए कई सैनिकों ने अपनी जानें भारत माता के लिए कुर्बान कर दी थीं। इनमें से ही एक थे शहीद कैप्‍टन विक्रम बत्रा। वह आज ही के दिन 1999 में कारगिल में शहीद हुए थे। शहीद कैप्‍टन बत्रा के पिता जीएल बत्रा ने Jagran.com से ख़ास बातचीत में उस वक्‍त का जिक्र किया जब वह 4875 चोटी को फतह करने के लिए निकल रहे थे। उन्‍होंने बताया कि वहां जाने से पहले जब कैप्‍टन बत्रा ने फोन किया था तो उन्‍हें कहीं न कहीं इस बात का अहसास था कि वह जिस टास्‍क पर जा रहे हैं वह बेहद मुश्किल है और शायद वहां से वह जिंदा वापस न आ सकें। उन्‍होंने फोन पर सभी का हालचाल पूछा था। उन्‍होंने बताया कि अपने आखिरी खतों में उन्‍होंने सबसे आखिर में लिखा था ‘Love Always’। उन्‍होंने यह भी बताया वह चाहते हैं कि कैप्‍टन बत्रा हमेशा हर जन्‍म में उनके साथ रहें। उन्‍होंने कहा कि कैप्‍टन बत्रा के पिता के तौर पर वह अपने आप पर फक्र महसूस करते हैं और अपने को भाग्‍यशाली मानते हैं। कारगिल युद्ध को यूं तो 18 वर्ष बीत चुके हैं, लेकिन इस पकारगिल युद्ध को यूं तो 18 वर्ष बीत चुके हैं, लेकिन इस पर अपनी जीत का तिरंगा लहराने वालों और इसके लिए अपनी जान न्‍यौछावर करने वालों के लिए यह न भूलने वाली कहानी है। पाकिस्‍तान के ना-पाक इरादों के बाद जो युद्ध भारत पर थोपा गया था, उसमें जीत हासिल करने के लिए कई सैनिकों ने अपनी जानें भारत माता के लिए कुर्बान कर दी थीं। इनमें से ही एक थे शहीद कैप्‍टन विक्रम बत्रा। वह आज ही के दिन 1999 में कारगिल में शहीद हुए थे। शहीद कैप्‍टन बत्रा के पिता जीएल बत्रा ने Jagran.com से ख़ास बातचीत में उस वक्‍त का जिक्र किया जब वह 4875 चोटी को फतह करने के लिए निकल रहे थे। उन्‍होंने बताया कि वहां जाने से पहले जब कैप्‍टन बत्रा ने फोन किया था तो उन्‍हें कहीं न कहीं इस बात का अहसास था कि वह जिस टास्‍क पर जा रहे हैं वह बेहद मुश्किल है और शायद वहां से वह जिंदा वापस न आ सकें। उन्‍होंने फोन पर सभी का हालचाल पूछा था। उन्‍होंने बताया कि अपने आखिरी खतों में उन्‍होंने सबसे आखिर में लिखा था ‘Love Always’। उन्‍होंने यह भी बताया वह चाहते हैं कि कैप्‍टन बत्रा हमेशा हर जन्‍म में उनके साथ रहें। उन्‍होंने कहा कि कैप्‍टन बत्रा के पिता के तौर पर वह अपने आप पर फक्र महसूस करते हैं और अपने को भाग्‍यशाली मानते हैं। कारगिल युद्ध को यूं तो 18 वर्ष बीत चुके हैं, लेकिन इस पर अपनी जीत का तिरंगा लहराने वालों और इसके लिए अपनी जान न्‍यौछावर करने वालों के लिए यह न भूलने वाली कहानी है। पाकिस्‍तान के ना-पाक इरादों के बाद जो युद्ध भारत पर थोपा गया था, उसमें जीत हासिल करने के लिए कई सैनिकों ने अपनी जानें भारत माता के लिए कुर्बान कर दी थीं। इनमें से ही एक थे शहीद कैप्‍टन विक्रम बत्रा। वह आज ही के दिन 1999 में कारगिल में शहीद हुए थे। शहीद कैप्‍टन बत्रा के पिता जीएल बत्रा ने से ख़ास बातचीत में उस वक्‍त का जिक्र किया जब वह 4875 चोटी को फतह करने के लिए निकल रहे थे। उन्‍होंने बताया कि वहां जाने से पहले जब कैप्‍टन बत्रा ने फोन किया था तो उन्‍हें कहीं न कहीं इस बात का अहसास था कि वह जिस टास्‍क पर जा रहे हैं वह बेहद मुश्किल है और शायद वहां से वह जिंदा वापस न आ सकें। उन्‍होंने फोन पर सभी का हालचाल पूछा था। उन्‍होंने बताया कि अपने आखिरी खतों में उन्‍होंने सबसे आखिर में लिखा था ‘Love Always’। उन्‍होंने यह भी बताया वह चाहते हैं कि कैप्‍टन बत्रा हमेशा हर जन्‍म में उनके साथ रहें। उन्‍होंने कहा कि कैप्‍टन बत्रा के पिता के तौर पर वह अपने आप पर फक्र महसूस करते हैं और अपने को भाग्‍यशाली मानते हैं।र अपनी जीत का तिरंगा लहराने वालों और इसके लिए अपनी जान न्‍यौछावर करने वालों के लिए यह न भूलने वाली कहानी है। पाकिस्‍तान के ना-पाक इरादों के बाद जो युद्ध भारत पर थोपा गया था, उसमें जीत हासिल करने के लिए कई सैनिकों ने अपनी जानें भारत माता के लिए कुर्बान कर दी थीं। इनमें से ही एक थे शहीद कैप्‍टन विक्रम बत्रा। वह आज ही के दिन 1999 में कारगिल में शहीद हुए थे। शहीद कैप्‍टन बत्रा के पिता जीएल बत्रा ने से ख़ास बातचीत में उस वक्‍त का जिक्र किया जब वह 4875 चोटी को फतह करने के लिए निकल रहे थे। उन्‍होंने बताया कि वहां जाने से पहले जब कैप्‍टन बत्रा ने फोन किया था तो उन्‍हें कहीं न कहीं इस बात का अहसास था कि वह जिस टास्‍क पर जा रहे हैं वह बेहद मुश्किल है और शायद वहां से वह जिंदा वापस न आ सकें। उन्‍होंने फोन पर सभी का हालचाल पूछा था। उन्‍होंने बताया कि अपने आखिरी खतों में उन्‍होंने सबसे आखिर में लिखा था ‘Love Always’। उन्‍होंने यह भी बताया वह चाहते हैं कि कैप्‍टन बत्रा हमेशा हर जन्‍म में उनके साथ रहें। उन्‍होंने कहा कि कैप्‍टन बत्रा के पिता के तौर पर वह अपने आप पर फक्र महसूस करते हैं और अपने को भाग्‍यशाली मानते हैं।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here