>नई दिल्ली । देश तरक्की की राह पर है। लेकिन कुछ घटनाएं सोचने पर मजबूर करती हैं कि क्या हम वास्तव में तरक्की कर रहे हैं। अफवाहों की तरक्की, सुनने में आपको अटपटा लग सकता है। आप कह सकते हैं कि अफवाहों का कोई आधार नहीं होता है तो अफवाहों की तरक्की कैसे हो सकती है। लेकिन पिछले कुछ दिनों से दिल्ली और एनसीआर (गुरुग्राम, फरीदाबाद) में चोटी काटने के मामले सामने आ रहे हैं। इस तरह की वारदात से प्रभावित गांवों या इलाकों के लोगों का कहना है कि दहशत के माहौल में उनका हर लम्हा बीत रहा है। पुलिस का कहना है कि वो जांच में जुटी है कि आखिर ये सब क्यों और कैसे हो रहा है। लेकिन पीड़ितों और पुलिस के बयानों से पहले ये जानना जरूरी है कि कौन-कौन से इलाकों में चोटी काटने की वारदात हुई हैं। हरियाणा के मेवात इलाके से चोटी काटने के मामले सबसे पहले सामने आए। फरीदाबाद और हथीन में भी चोटी काटे जाने के 10 मामले सामने आए हैं। पुलिस का कहना है कि गुरुग्राम के राजेंद्रा पार्क और देवीलाल नगर में रविवार रात दो महिलाओं की चोटियां काट दी गईं थीं। तावड़ू में भी 2 महिलाओं की चोटी काटने से गांवों में दहशत का माहौल है। इसके अलावा रेवाड़ी में एक छात्रा समेत 4 की चोटी काट दी गई। फरीदाबाद के सीकरी गांव में रविवार रात एक महिला की चोटी कट गई थी। हथीन के गांवों से भी महिलाओं और किशोरियों की चोटी काटे जाने के 9 मामले सामने आए हैं। कुल मिलाकर हरियाणा में ऐसे 17 मामले सामने आ चुके हैं।दिल्ली पुलिस के पास अब तक ऐसे 3 मामले आ चुके हैं। पुलिस ने सोमवार को तीनों चोटियों को कब्जे में ले लिया है। चोटी काटे जाने की तीनों वारदातों में पीड़ितों की एक जैसी शिकायत है। पुलिस के मुताबिक छावला के कांगनहेड़ी गांव की रहने वाली मुनेश की चोटी कटी हुई मिली। मुनेश ने घरवालों को बताया कि वह खेत में ज्वार काटने गई थीं। उनके सिर में तेज दर्द हुआ और वह वापस अपने घर आ गईं। दर्द की वजह से उन्हें कुछ अंदाजा नहीं लगा। वह चक्कर आने की हालत में चारपाई पर लेट गईं। जब उनकी नींद खुली तो देखा कि फर्श पर बालों का गुच्छा पड़ा है। जिस तरीके से चोटी को काटा गया है, उससे लग रहा है कि कैंची जैसी किसी चीज का इस्तेमाल हुआ है।

रविवार रात इसी गांव में दूसरी घटना भी हो गई। यहां रहने वाली श्रीदेवी ने दावा किया कि कोई उनकी भी चोटी काटकर भाग गया। उन्होंने अपने पड़ोस की महिलाओं को बताया कि वह प्लॉट पर काम कर रही थीं। उनके सिर में तेज दर्द हुआ। वह घर में आकर बिना किसी को बताए बिस्तर पर लेट गईं। उन्हें ऐसा लगा कि मौसम की वजह से तबीयत बिगड़ी है। जब नींद खुली तो उनकी चोटी भी फर्श पर पड़ी मिली।

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