नई दिल्ली । वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) काउंसिल ने डेडलाइन के अंदर जीएसटी रिटर्न दाखिल न कर पाने वालों के लिए प्रतिदिन 200 रुपए की पेनल्टी को माफ कर दिया है। सरकार ने जीएसटी काउंसिल की सिफारिश पर ऐसा फैसला किया है। हालांकि ऐसे करदाताओं को अपने लेट पेमेंट के ड्यूस पर इंटरेस्ट देना ही होगा। यह जानकारी शनिवार को वित्त मंत्रालय ने दी है। गौरतलब है कि जुलाई महीने के लिए पहला रिटर्न दाखिल करने की आखिरी तारीख 25 अगस्त निर्धारित की गई थी।

वित्त मंत्रालय ने शनिवार को ट्वीट के जरिए जानकारी देते हुए कहा, “उन सभी करदाताओं के लिए जिन्होंने GSTR-3B फॉर्म के जरिए जीएसटी रिटर्न दाखिल नहीं किया है और उस पर उन्हें जो लेट फी देनी थी उसे माफ कर दिया गया है। हालांकि ब्याज उन सभी करदाताओं पर लागू होगा जो जुलाई 25 तक जुलाई के लिए अपना जीएसटी रिटर्न दाखिल नहीं कर पाए हैं।”

आपको बता दें कि करदाताओं को जुलाई महीने के लिए जीएसटी रिटर्न भरने को 25 अगस्त तक का वक्त दिया गया था, लेकिन जिन लोगों को ट्रांजिशनल इनपुट टैक्स क्रेडिट का दावा करना था उनके लिए अंतिम तारीख 28 अगस्त निर्धारित की गई थी। इससे पहले केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली ने कहा था कि वो सभी करदाता जिन्होंने डेडलाइन तक अपना रिटर्न दाखिल नहीं किया है उन्हें हर रोज के हिसाब से 200 रुपए की पेनल्टी देनी होगी, जिसमें से 100 रुपए सेंट्रल जीएसटी होगा और 100 रुपए राज्य का जीएसटी। जेटली ने कहा कि 5.95 मिलियन टैक्सपेयर्स को जुलाई में जीएसटी रिटर्न दाखिल करना था लेकिन 29 अगस्त तक सिर्फ 3.83 मिलियन लोगों ने ही रिटर्न दाखिल किया।

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