नई दिल्ली। ऑस्ट्रेलिया दौरे पर वर्ष 2014 में महेंद्र सिंह धौनी ने टेस्ट कप्तानी छोड़ी और उसके बाद विराट को टीम का टेस्ट कप्तान बना दिया गया। विराट को जिस वक्त भारतीय टेस्ट टीम का कप्तान बनाया गया उस वक्त भारतीय टीम टेस्ट रैंकिंग में नंबर सात पर थी। धौनी द्वारा टेस्ट की कप्तानी छोड़े जाने के बाद विराट ने अपनी कप्तानी में भारतीय टीम को एक नई उंचाई पर पहुंचाया। विराट की कप्तानी में भारत ने अब 29 टेस्ट मैच खेले हैं जिसमें 19 मैचों में जीत, तीन में हार और सात मैच ड्रॉ रहे।

विराट कोहली ने इस बात का खुलासा श्रीलंका के खिलाफ चौथा वनडे मैच जीतने के बाद किया कि आखिरकार कैसे टेस्ट में भारतीय टीम नंबर एक की पोजीशन पर पहुंची। विराट ने क्रिकेट के सबसे लंबे प्रारूप में इस सफलता के लिए टीम के खिलाड़ियों की सराहना की साथ ही उन्होंने टीम के सपोर्ट स्टाफ को भी इसका श्रेय दिया।

विराट ने कहा कि जब मुझे भारतीय टेस्ट टीम की कप्तानी दी गई उस वक्त टीम इंडिया टेस्ट रैंकिंग में नंबर सात पर थी और अब उन्हीं खिलाड़ियों और सपोर्ट स्टाफ के साथ हम नंबर एक हैं। विराट ने टीम के सपोर्ट स्टाफ की जमकर तारीफ की और कहा कि टीम के बल्लेबाजी कोच संजय बांगड़ की देखरेख में पिछले दो वर्ष में हमारी बल्लेबाजी काफी अच्छी हुई है। इसके अलावा गेंदबाजी कोच भरत अरुण और फील्डिंग कोच आर. श्रीधर ने भी खिलाड़ियों को आगे बढ़ने में खूब मदद की। टीम के सभी सपोर्ट स्टाफ के बारे में विराट ने कहा कि उन्होंने हमारे साथ लगातार काम किया है। इसके अलावा टीम के मुख्य कोच रवि शास्त्री लगातार टीम के खिलाड़ियों का मनोबल बढ़ाते रहते हैं।

विराट कोहली को इस वर्ष जनवरी में धौनी द्वारा भारतीय टीम का वनडे और टी20 कप्तानी छोड़ने के बाद उन्हें टीम का कप्तान बना दिया गया था। धौनी सिमित प्रारूप में भारत के सबसे सफल कप्तान रहे हैं। उनकी कप्तानी में भारत ने वर्ष 2007 में टी20 विश्व कप, वर्ष 2011 में क्रिकेट विश्व कप और वर्ष 2013 में आइसीसी चैंपियंस ट्रॉफी का खिताब जीता था। धौनी की कप्तानी में भारत वर्ष 2009 में टेस्ट में नंबर एक टीम बनी थी।

विराट की बात करें तो उनकी कप्तानी में भारत ने अब तक 134 वनडे मैच खेले हैं जिसमें से भारतीय टीम को 26 में जीत, 7 में हार और एक मैच ड्रॉ रहा है।

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