नई दिल्ली। हॉकी इंडिया ने राष्ट्रीय कोच रोलैंट ओल्टमैंस को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर टीम के लगातार औसत प्रदर्शन के बाद पद से हटा दिया। हाई परफार्मेंस निदेशक डेविड जॉन फिलहाल टीम के अंतरिम कोच होंगे। यह फैसला हॉकी इंडिया की हाई परफार्मेंस और डेवलपमेंट कमेटी की तीन दिवसीय बैठक में लिया गया जो शनिवार को खत्म हुई। ओल्टमैंस के जाने के बाद जब तक नए कोच का चयन नहीं हो जाता तब तक हॉकी इंडिया के हाई परफॉर्मेंस डायरेक्टर डेविड जॉन कोच की भूमिका भी निभाएंगे।

महासंघ ने इस बारे में ज्यादा राज नहीं खोले, लेकिन यह स्पष्ट था कि हॉकी इंडिया के हुक्मरान इस डच कोच से खुश नहीं थे। हॉकी इंडिया के अनुसार मुख्य कोच ओल्टमैंस के इस्तीफे समेत कई अहम फैसले लिए गए। इसमें कहा गया कि ओल्टमैंस ने मुख्य कोच के रूप में टीम की फिटनेस सुधारने पर काफी काम किया, लेकिन टीम का प्रदर्शन आशातीत नहीं रहा। तीन दिन तक चली इस बैठक में 24 से अधिक सदस्यों ने भाग लिया। हॉकी इंडिया की चयन समिति के प्रमुख हरबिंदर सिंह ने कहा कि हम 2016 और 2017 में भारतीय पुरुष हॉकी टीम के प्रदर्शन से खुश नहीं हैं। हमारा मानना है कि एशिया में जीत सफलता का मानदंड नहीं हो सकती। हमें अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंटों में नतीजे दिखाने होंगे। पिछले दो वर्षों में वैसी सफलता नहीं मिली है। ऐसी सफलता पाने के लिए हमें कड़े फैसले लेने होंगे। कोचिंग का मौजूदा प्रारूप एक सीमा से आगे नतीजे नहीं दिखा पा रहा था। समिति का मानना है कि तुरंत फैसला लेने की जरूरत है और बदलाव हमेशा सहज नहीं होता। हमें 2018 में एशियन गेम्स, विश्व कप और 2020 ओलंपिक खेलों में उम्दा प्रदर्शन के लिए यह करना होगा।

इस बैठक में हॉकी इंडिया की सीईओ एलिना नॉर्मन के अलावा पूर्व खिलाड़ी हरबिंदर सिंह, बीपी गोविंदा, वासुदेव भास्करन के साथ-साथ मौजूदा खिलाड़ी सरदार सिंह, पीआर श्रीजेश और खुद कोच ओल्टमैंस भी शामिल थे। इसमें सभी सदस्यों से हॉकी के आगे की योजनाओं के बारे में राय ली गई, जिसके बाद यह फैसले हए हैं। इसमें हॉकी वल्र्ड लीग सेमीफाइनल्स के अलावा यूरोपीय दौरे में भारतीय टीम के प्रदर्शन की समीक्षा की गई। इसके अलावा 2018 में होने वाले एशियन गेम्स, कॉमनवेल्थ गेम्स और विश्व कप की तैयारियों की पर भी विचार किया गया।

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