नई दिल्ली। नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (एनसीएलटी) ने मंगलवार को मैकडॉनल्ड्स की ओर से फ्रेंचाइजी एग्रीमेंट रद्द करने के फैसले को चुनौती देने वाली विक्रम बख्शी की याचिका को खारिज कर दिया है। वहीं दूसरी ओर बख्शी की अवमानना याचिका पर ट्रिब्यूनल ने मैकडॉनल्ड्स कॉरपोरेशन को कारण बताओ नोटिस जारी किया है।

एनसीएलटी ने बीते सोमवार को विक्रम बख्शी की उन दो याचिकाओं पर अपना फैसला सुरक्षित रखा है, जो मैकडॉनल्ड्स के साथ चल रहे विवाद के लिए दायर की गई थी। एनसीएलटी ने मंगलवार को बख्शी के वकील से कहा है कि वह अपीलेट ट्रिब्यूनल से राहत की मांग करें क्योंकि यह मामला पहले से ही वहां लंबित है।

मैकडॉनल्ड्स ने बयान जारी किया है कि सीपीआरएल को जो नोटिस पीरियड दिया गया था वो आज यानी कि मंगलवार को खत्म हो गया है। साथ ही सीपीआरएल को अब संपत्ति इस्तेमाल करने का अधिकार नहीं है। आपको बता दें कि इससे पहले मैकडॉनल्ड्स ने कहा था कि विक्रम बख्शी के साथ चल रहे विवाद को सुलझाना संभव नहीं है। आपको बता दें कि बख्शी के साथ स्थापित यह संयुक्त उपक्रम 169 मैकडॉनल्ड्स आउटलेट का संचालन करता है।

क्या है मामला?

अमेरिका की दिग्गज कंपनी मैकडॉनल्ड्स और कनॉट प्लाजा रेस्टोरेंट्स (सीआरपीएल) के बीच काफी समय से कानूनी लड़ाई चल रही है। अगस्त 2013 में सीपीआरएल के मैनेजिंग डायरेक्टर पद से विक्रम बख्शी को हटाने के बाद से ही बख्शी और मैकडॉनल्ड्स के बीच लड़ाई जारी है। बख्शी ने इस विवाद को कोर्ट में चुनौती दी है। बख्शी की ओर से पैरवी करने वाले वकील एएस चंडोक, जिन्होंने कहा कि उनके मुवक्किल ने आरोपों से इनकार किया ने बताया, “वो इसलिए हटाए गए क्योंकि मैकडॉनल्ड्स को लग रहा था कि बख्शी अनियमित वसूली गतिविधियों में शामिल थे, इसलिए कंपनी चाहती थी कि वो बाहर चले जाएं।”

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