देहरादून: राज्य सरकार ने समाधान पोर्टल को और भी हार्इटेक बना लिया है। अब आप टोल फ्री नंबर 1905 पर फोन कर अपनी शिकायत या सुझाव को पंजीकृत करा सकते हैं। इसके लिए शिकायतकर्ता को अपना नाम, पता, मोबाईल नंबर और शिकायत का विवरण देना होगा।

उत्तराखंड सरकार का समाधान पोर्टल अब और भी हार्इटेक हो गया है। सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत ने सचिवालय में समाधान पोर्टल की स्मार्ट आइवीआर यानी इंटरेक्टिव वॉयस रिस्पॉन्स सिस्टम का शुभारंभ किया। जिसके जरिए सार्वजनिक शिकायतों को मोबाइल, दूरभाष पर प्राप्त कर उनका निस्तारण किया जा सकता है।

जन समस्याओं और सुझावों को और अधिक सुगम बनाने के लिए कोई भी व्यक्ति टोल फ्री नंबर 1905 पर फोन कर सकता है और अपनी शिकायत या सुझाव को पंजीकृत करा सकता है। इसके लिए शिकायतकर्ता को अपना नाम, पता, मोबाइल नंबर और शिकायत का विवरण देना होगा। जिसके बाद शिकायत एनआइसी के पोर्टल पर दर्ज हो जायेगी। इसके बाद शिकायत, संबंधित विभाग को भेजी जायेगी। जिसके निस्तारण का फीडबैक विभाग को दस दिन के अंदर देना होगा।

आपको बता दें कि आइवीआर सिस्टम के तहत एक साथ 15 लोग शिकायत, सुझाव दर्ज करा सकते हैं। इसमें लोग स्थानीय भाषा में भी शिकायत दर्ज कर सकते हैं। जिसके लिए अनुवाद की व्यवस्था भी रहेगी।

वहीं सीएम त्रिवेंद्र सिंह ने कहा कि समाधान पोर्टल पर आइवीआर सिस्टम के होने से जनसमस्याओं के निस्तारण में तेजी आएगी। समस्याओं के समाधान के लिए संबंधित विभागों की जिम्मेदारी भी तैयार रहेगी। इससे प्रदेश के दूरस्थ क्षेत्रों के लोगों की समस्याएं पहुंचेगी और सुझाव भी मिलेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह अच्छी बात है कि आइवीआर सिस्टम में स्थानीय बोलियों को भी सम्मिलित किया गया है।

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