मुंबई। बेंगलुरू की सीनियर जर्नलिस्ट गौरी लंकेश की मंगलवार की रात गोली मारकर हत्या कर दी गयी। गौरी को बेबाक़ और बेख़ौफ़ पत्रकार के रूप में जाना जाता था। बॉलीवुड सेलेब्रिटीज़ ने गौरी की हत्या की कड़ी निंदा करते हुए अपनी संवेदनाएं व्यक्त की हैं।

सोनम कपूर ने हत्या पर आक्रोश जताते हुए लिखा है, ”गौरी लंकेश के मर्डर से बेहद दुखी और आक्रोशित हूं। वक़्त आ गया है कि हम हिंसक विचारधाराओं को चुप कराएं और अपराधियों को न्याय के समक्ष लाएं।” डायरेक्टर कबीर ख़ान ने इस तरह की घटनाओं को ग़ैलोकतांत्रिक ठहराते हुए लिखा, ”किसी को उसके विचारों के लिए मार देना लोकतांत्रिक नहीं है, ये बनाना रिपब्लिक की शुरुआत है, जहां हिंसा शब्दों से तेज़ आवाज़ में बोलती है।” प्रख्यात फ़िल्ममेकर शेखर कपूर ने गौरी लंकेश की हत्या पर लिखा है कि बोलने की आज़ादी… मत-भिन्नता… और प्रजातंत्र… एक-एक करके मारे जा रहे हैं।

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जाने-माने राइटर जावेद अख़्तर ने हत्यारों की विचारधारा पर सवाल उठाते हुए लिखा है, ”दाभोलकर, पानसरे, कलबुर्गी और अब गौरी लंकेश। अगर एक ही विचारधारा के लोग मारे जा रहे हैं, तो मारने वाले किस तरह के लोग हैं।” वहीं फ़िल्ममेकर अनुभव सिन्हा ने लिखा है कि अगर आप एक महिला की हत्या करने पर उतारू हो जाते हैं तो साचिए आपके तर्क कितने कमज़ोर होंगे।” फ़िल्ममेकर शिरीष कुंदर ने लिखा है, ”जब बुद्धिजीवी होना एक गाली बन जाए, तो शब्दों का जवाब गोलियों से दिया जाता है।”

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फ़रहान अख़्तर ने घटना को शर्मनाक बताते हुए कहा, ”हम किस तरह का समाज बनते जा रहे हैं। परिवार के लिए गहरी संवेदनाएं और उम्मीद है कि जल्द न्याय मिलेगा।” फ़िल्ममेकर अशोक पंडित ने लिखा है, ”उनकी पत्रकारिता विकासवादी थी या नहीं, इस पर बहस हो सकती है, मगर हमने एक ज़िंदगी खो दी है, ये निंदनीय है।”

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शबाना आज़मी ने अपने पिता कैफ़ी आज़मी के शेर के ज़रिए अपनी बात रखी, उन्होंने लिखा- ”होंठों को सीके देखिए पछताएंगे आप, हंगामे जाग उठते हैं अक्सर घुटन के बाद।” मशहूर एक्टर और फ़िल्ममेकर नंदिता दास ने लिखा है, ”सदमे में हूं। एक शख़्स जिसे मैं जानती हूं और प्रशंसक हूं। मौजूदा दौर में मानवाधिकार का तेजी से पतन हुआ है।”

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