रुद्रप्रयाग: केदारनाथ मंदिर में भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआइ) की ओर से लगाए जाने वाले तड़ित चालक यंत्र का तीर्थ पुरोहित कड़ा विरोध कर रहे हैं। श्री बदरी-केदार मंदिर समिति के सीईओ बीडी सिंह ने भी इस संबंध में समिति से कोई अनुमति न लिए जाने की बात कही है। इससे पूर्व, मंदिर के ठीक सामने दीवार लगाने को लेकर भी तीर्थ पुरोहितों का एएसआइ के साथ विवाद हो चुका है।

एएसआइ आकाशीय बिजली से सुरक्षा के मद्देनजर केदारनाथ मंदिर में तड़ित चालक लगाना चाहता है। जबकि, तीर्थ पुरोहितों को यह कतई मंजूर नहीं है। केदार सभा के अध्यक्ष विनोद शुक्ला का कहना है कि इस संबंध में एएसआइ ने तीर्थ पुरोहितों से कोई विचार-विमर्श नहीं किया। कहा कि केदारनाथ धाम की अपनी पौराणिक मान्यताएं हैं। उन्हें कोई नुकसान न पहुंचे, इसके लिए तीर्थ पुरोहितों से विचार-विमर्श नितांत जरूरी है।

वहीं, मंदिर समिति के सीईओ बीडी सिंह का कहना है कि इसे लेकर 15 सितंबर के बाद एएसआइ, मंदिर समिति व तीर्थ पुरोहितों की संयुक्त बैठक केदारनाथ में आयोजित की जाएगी। इसमें जो सर्वमान्य निर्णय निकलेगा, उसी के तहत आगे कार्य किया जाएगा।

विदित हो कि केदारनाथ मंदिर के ठीक सामने एएसआइ की ओर बनाई जा रही दीवार का निर्माण कार्य भी पिछले दिनों तीर्थ पुरोहितों के विरोध के चलते रोक दिया गया था।

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