वाशिंगटन/बीजिंग। हालिया दिनों में अमेरिका और उत्‍तर कोरिया के बीच तनाव कुछ ज्‍यादा ही बढ़ गया है। उत्‍तर कोरिया के लगातार मिसाइल परीक्षण से अमेरिका बौखलाया हुआ है। गुआम द्वीप पर मिसाइल हमले की धमकी और हाईड्रोजन बम परीक्षण ने पारा और बढ़ा दिया है।

इस बीच, राष्‍ट्रपति डोनाल्‍ड ट्रंप ने कहा है कि वह उत्‍तर कोरिया की ओर से परमाण्‍ाु एवं मिसाइल हमले के खतरे से निपटने के लिए उसके खिलाफ सैन्‍य कार्रवाई को पहली प्राथमिकता नहीं देंगे। मगर ऐसा किया तो उत्‍तर कोरिया के लिए वो ‘बेहद बुरा दिन’ होगा।

अब एक तरफ जहां उत्‍तर कोरिया पर ट्रंप ने कड़ी प्रतिक्रिया व्‍यक्‍त की, वहीं चीन ने इस बात पर सहमति जताई कि संयुक्‍त राष्‍ट्र को उत्‍तर कोरिया के खिलाफ और अधिक कार्रवाई करनी चाहिए। मगर साथ ही विवाद को सुलझाने के लिए वार्ता को प्रोत्‍साहित करना भी जारी रखना चाहिए।

उधर, उत्‍तर कोरिया जो अपने परमाणु कार्यक्रम को लेकर अंतरराष्‍ट्रीय स्‍तर पर आलोचनाओं का सामना कर रहा है, उसने कहा है कि वह संयुक्‍त राष्‍ट्र के किसी नए प्रतिबंध और अमेरिकी दबाव का ‘शक्तिशाली तरीके’ से जवाब देने को तैयार है। उसने अमेरिका पर आरोप लगाया कि वह युद्ध करना चाहता है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here