चंडीगढ़। शिरोमणि अकाली दल के प्रधान सुखबीर सिंह बादल ने शुक्रवार को कांग्रेस सरकार पर हमला बोला। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार के छह माह पूरे होने वाले हैं, लेकिन सरकार हर मोर्चे पर फेल रही है। छह माह में सरकार ने सिर्फ लोगों को धोखा ही दिया है। किसी भी वादे पर कांग्रेस खरी नहीं उतरी है। उन्होंने कहा कि यह पहली सरकार है, जिसने कैबिनेट की विश्वसनीयता को भी कठघरे में खड़ा कर दिया है।

घर-घर रोजगार देने को लेकर विधानसभा चुनाव के पहले कैप्टन ने फॉर्म भरवाए। अभी तक छह माह में केवल पूर्व मुख्यमंत्री बेअंत सिंह के पोते को नौकरी देने के अलावा सरकार ने किसी को नौकरी नहीं दी है। रोजगार मेले के नाम पर फर्जीवाड़ा किया जा रहा है। उन्होंने बीते दिनों मोहाली में लगाए गए रोजगार मेले में विभिन्न कंपनियों व औद्योगिक संगठनों के साथ किए करार की कॉपी भी दिखाई व कहा कि एमओयू बिना तारीख के साइन किए गए हैं। ऐसे एमओयू का क्या मतलब है। सरकार 27000 युवाओं को रोजगार देने का दावा कर रही है, जबकि हकीकत यह है कि 2700 को भी नौकरी नहीं दी गई होगी।

सुखबीर ने स्मार्ट फोन, पेंशन, आटा दाल स्कीम, माई भागो स्कीम, किसानों की कर्ज-कुर्की स्कीमों के बारे में कहा कि सभी मामले में सरकार ने लोगों को धोखा दिया है। स्मार्ट फोन आज तक सरकार नहीं दे पाई। माई भागो स्कीम बंद करवा दी गई। मुलाजिमों के इंश्योरेंस की स्कीम बंद करवा दी गई। आटा दाल स्कीम के तहत केवल आटा दिया जा रहा है। पेंशनर्स को अभी तक पेंशन नहीं मिली। किसानों के कर्जा-कुर्की स्कीम को लेकर भी सरकार ने केवल बयानबाजी की।

खराब आर्थिक हालत के लिए सीएम व वित्त मंत्री जिम्मेदार

सुखबीर ने आरोप लगाया कि सरकार ने कहा था कि आत्महत्या करने वाले किसानों के परिवारों में रोजगार व 10 लाख रुपये दिए जाएंगे, एक भी रुपया नहीं दिया गया। हालात यह हो गए हैं कि पहली बार सरकार के पास मुलाजिमों को वेतन देने के पैसे नहीं हैं, डिफाल्टर हो गई है। मंडियों में नया कर लगाकर किसानों की कमर तोड़ दी गई है। वित्तीय संकट हमारी दस साल की सरकार में भी था, लेकिन हमने सारा कुछ मैनेज किया और हर मोर्चे पर काम किया। अब कोई नशे की बात नहीं कर रहा है।

उन्होंने सवाल किया कि क्या पंजाब में नशा बंद हो गया है। उन्होंने खराब वित्तीय हालत के लिए वित्त मंत्री मनप्रीत बादल व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह को दोषी ठहराया। कहा कि मनप्रीत बादल निगेटिव माइंड के हैं। यही वजह थी कि अकाली दल ने उन्हें वित्त मंत्री के पद से हटा दिया था। अब वह कांग्रेस की नैया डुबोने में लगे हैं। कैप्टन सरकार चलाना ही नहीं चाहते हैं। इसके चलते अफसरशाही पूरी तरह से हावी है। हम कांग्रेस से नहीं डरते हैं। हमने कहीं गलत किया है तो हमारे ऊपर सरकार पर्चा दर्ज करे।

एसवाईएल पर हमारा स्टैंड स्पष्ट, हम केंद्र से बात क्यों करें

सुखबीर सिंह बादल ने कहा कि सतलुज यमुना लिंक (एसवाईएल) नहर के मुद्दे पर शिरोमणि अकाली दल का स्टैंड एकदम स्पष्ट है कि हरियाणा को एक बूंद पानी नहीं देना है। इसलिए केंद्र सरकार से बात करने का कोई मतलब नहीं बनता। किसानों की जमीनें उन्हें वापस करवा दीं, नहर पाट दी। कांग्रेस सरकार इस मुद्दे पर केंद्र सरकार के सामने घुटने टेक रही है और समझौता करने के मूड में है। यही वजह है कि कांग्रेस के प्रधान सुनील जाखड़ व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह कई बार इस मामले में केंद्र सरकार के साथ बातचीत का प्रस्ताव रख चुके हैं। इस मामले में बातचीत का मतलब समझौता करना है। अगर हरियाणा को पानी नहीं देना है तो बातचीत का क्या मतलब।

सिद्धू को बादल फोबिया

सुखबीर बादल व पूर्व कैबिनेट मंत्री बिक्रम सिंह मजीठिया ने कहा कि कैबिनेट मंत्री नवजोत सिंह सिद्धू को बादल फोबिया है। सिद्धू हर उस काम का विरोध कर रहे हैं, जो हमने किया था। सिद्धू बयानबाजी के अलावा कुछ नहीं कर सकते। पहले दिन से ही सिद्धू एक ही लक्ष्य पर काम कर रहे हैं कि किसी भी प्रकार हमें बदनाम कर सकें।

सरकार के खिलाफ आंदोलन करेगा अकाली दल

सुखबीर बादल ने कहा कि अकाली दल की तरफ से पूरे प्रदेश में सरकार के खिलाफ आंदोलन किया जाएगा। इसे लेकर पार्टी की कोर कमेटी की बैठक 16 सितंबर को बुलाई गई है। बैठक में कोर कमेटी आंदोलन की अंतिम रूपरेखा तय करेगी।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here