जयपुर। राजस्थान भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने जयपुर विकास प्राधिकरण से एक ऐसे क्लर्क को गिरफ्तार किया है जो मात्र 20 साल की नौकरी में 100 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति का मालिक बन गया।

पिता के निधन के बाद अनुकंपा नियुक्ति पर 1992 में प्राधिकरण में चपरासी के पद पर लगा मुकेश मीणा नाम का यह आरोपी 2000 में कनिष्ठ लिपिक बन गया और फिर जूनियर होने के बावजूद अपनी ऊंची पहुंच के चलते ऑफिस सुपरिंटेंडेंट बन गया। एसीबी के अधिकारियों को मीणा के खिलाफ कुछ दिनों पूर्व आय से अधिक संपत्ति होने की शिकायत मिली थी। एसीबी शिकायत मिलने के बाद से मीणा पर लगातार निगरानी रख रही थी।

शिकायत पुख्ता होने पर टीम ने शुक्रवार शाम प्राधिकरण कार्यालय में छापा मारा जहां से कुछ दस्तावेज जब्त करने के साथ ही उससे पूछताछ की गई। उसके ठिकानों पर छापेमारी के दौरान 100 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति होने का पता चला है। इनमें जयपुर शहर की विभिन्न कॉलोनियों में आठ कोठियां, जयपुर जिले के तूंगा में आठ बीघा का एक फार्म हाउस, देवगढ़ में पांच बीघे के एक अन्य फार्म हाउस के साथ ही पैतृक गांव बिहारीपुरा में दो बड़े घर व एक अन्य गांव बड़ की ढाणी में 20 बीघा में फैला खेत होना सामने आया है ।

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