मुंबई। कंगना रनौत इन दिनों कई विवादों से घिरी हैं। उन पर कई लोगों ने ऐसे भी ताने कसे हैं कि वह फेमिनिज्म का ग़लत इस्तेमाल कर रही हैं, लेकिन इस बारे में कंगना का कहना है कि उन्हें लगता है कि फेमिनिज्म का कांसेप्ट अच्छा नहीं है। मैं तो इक्वेलिटी में भरोसा करती हूं।

कंगना कहती हैं, ”फेमिनिज्म कांसेप्ट नहीं है, कंपेनसेशन है। अभी तो इसका सब्जेक्ट बना हुआ है। उन्होंने साफ-साफ कहा कि वह मानती हैं कि हेल्दी सोसाइटी में फेमिनिज्म बिल्कुल नहीं होना चाहिए। हमारी सोसाइटी एक बीमार सोसाइटी है। इसलिए इसे फेमिनिज्म जैसी चीजों की ज़रूरत होती है।

कंगना ने बातों ही बातों में उन लोगों पर फिर से धावा बोला है कि जो लोग यह समझ रहे हैं कि फ़िल्म के लिए वह पब्लिसिटी स्टंट कर रही हैं और वह फेमिनिज्म का सहारा ले रही हैं। कंगना कहती हैं कि कोई भी फ़िल्म किसी महिला के चरित्र से बढ़ कर नहीं होती। जो लोग ये कहते हैं, उन्हें यह समझना चाहिए कि मेरी 100 फ़िल्में आएंगी, तो क्या मैं अपने चरित्र का इस्तेमाल करूंगी, इतनी ओछी हरकतें तो नहीं करूंगी।

कंगना आगे कहती हैं, ”मैं जब अपनी रिलेशन की बात कर रही हूं तो वह मेरी ज़िंदगी की बात है। मेरे चरित्र की बात है। मैं अपनी डिगनिटी जानती हूं। उसे सरेआम करने में दिलचस्पी नहीं मुझे। अगर मैं फ़िल्म नहीं भी करूंगी, तब भी मैं जो कहना चाहती हूं, कहूंगी। आप मेरे चरित्र को सिर्फ़ मेरी फ़िल्मों से नहीं तौल सकते। सिर्फ़ इसलिए कि मैं एक अभिनेत्री हूं।”

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