इंदौर। रेसकोर्स रोड स्थित खेल प्रशाल में आयोजित गंभीर ध्यान साधना शिविर में 10 राज्य के 300 लोगो ने मोबाइल, लैपटॉप के साथ इलेक्ट्रीक उत्पाद का इस्तमाल छोड़ दिया है। साथ ही उन्होंने मौन धारण कर लिया जो 168 घंटे तक रहेंगा। आवश्यक होने पर बातचीत के लिए पर्ची का सहारा ले रहे हैं।

इन्हें ध्यान का पाठ ध्यान साधना पर शोध करने वाले श्रमण संघ के प्रमुख 76 वर्षीय आचार्य डॉ. शिवमुनि सीखा रहे हैं। शिविर में प्रदेश सहित पंजाब, दिल्ली, हरियाणा, राजस्थान, मप्र, छत्तीसगढ़, गुजरात, महाराष्ट्र, कर्नाटक, आंध्र प्रदेश साधक भाग ले रहे हैं। आयोजन समिति के जैनेश्वर जैन ने बताया कि इलेक्ट्रानिंक उपकरण मोबाइल, लैपटाप, टेबलेट आदि का सात दिन तक त्याग कर चुके हैं। सभी सात दिन यानि 168 घंटे मौन रहकर ध्यान की बारीकियां सिख रहे हैं।

महावीर स्वामी के ध्यान के सूत्र देकर होती प्रसन्नता

महावीर स्वामी के ध्यान के सूत्र लोगों को देकर प्रसन्नता का अनुभव होता है। मानव जीवन बहुत प्रयासों से मिलता है। इसका इस्तमाल रक्तदान करना, बीमारों की मदद करना, गोसेवा करना, पशु पक्षियों के लिए कार्य करने में होना चाहिए। ये कार्य छोटे होकर भी बड़े पुण्य देने वाले हैं। – आचार्य डॉ शिवमुनिजी

जरूरी कार्य पर्ची लिखकर कर रहे

सात दिनों में साधकों को आध्यात्म संबंधी प्रश्न करने की छूट है, यानि इन प्रश्नों को बोलने के अलावा शेष वक्त मौन व्रत का पालन करना होता है। अन्य जरूरी कार्य कागज या पर्ची पर लिखकर कराए जा रहे हैं। – रमेश भंडारी, शिविर संयोजक

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