नई दिल्ली। वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) की रीढ़ यानी जीएसटीएन में तकनीकी खामियों के चलते देशभर के व्यापारी और चार्टर्ड एकाउंटेंट को रिटर्न भरने में दिक्कतों का समाना करना पड़ रहा है। इन दिक्कतों के बीच अगले 6 महीनों में हर व्यापारी को जीएसटी के तहत कम से कम 24 रिटर्न फाइल करने अनिवार्य हैं। सरकार फिलहाल रिटर्न भरने की आखिरी तारीख बार बार आगे बढ़ाकर और पेनल्टी को खत्म करके राहत देने की कोशिश कर रही है, लेकिन लगातार पेंडिंग होते रिटर्न का अंबार पेशेवरों का सिरदर्द बन रहा है।

कम से कम फाइल करने होंगे 24 रिटर्न
emunshee डॉट कॉम के चार्टर्ड एकाउंटेंट अंकित गुप्ता ने बताया कि जिन व्यापारियों के लिए रिटर्न भरना अनिवार्य है उनको अगले 6 महीने में कम से कम 24 रिटर्न फाइल करने होंगे। इनमें जुलाई से दिसंबर तक के लिए हर महीने समरी रिटर्न (जीएसटीआर 3B), जीएसटीआर 1, जीएसटीआर 2 और जीएसटीआर 3 फाइल करने होंगे। कुल चार तरह के 6 रिटर्न हर व्यापारी को फाइल करने जरूरी हैं। अंकित ने यह भी बताया व्यापार की जरूरत के हिसाब से इन रिटर्न की संख्या और बढ़ भी सकती है।

व्यापारी भी परेशान
फेडेरेशन ऑफ सदर बाजार ट्रेडर्स एसोसिएशन के वाइस चेयरमैन परमजीत सिंह पम्मा के मुताबिक सभी व्यापारियों को जीएसटी का रिटर्न फाइल करने या करवाने में तमाम दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। बाजारों में इंटरनेट की कनेक्टिविटी एक बड़ी समस्या है। इसके अलावा जीएसटीएन वेबसाइट का लोड के कारण बैठ जाना आदि दिक्कतें भी व्यापारियों के सामने बड़ी चुनौती है।

राज्यों ने भी उठाया था मुद्दा
शनिवार को हुई जीएसटी काउंसिल की 21वीं बैठक में राज्य के वित्त मंत्रियों ने भी जीएसटीएन से जुड़ी दिक्कतों का मुद्दा उठाया था। उनका कहना था कि जीएसटीएन में हो रही तकनीकी खामियों के कारण ट्रेडर्स को उनका पहला रिटर्न भरने में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। पश्चिम बंगाल के वित्त मंत्री अमित मित्रा ने कहा कि जीएसटीएन नेटवर्क के मुताबिक यह 300 करोड़ बिलों को प्रोसेस करने की क्षमता रखता है ऐसे में जीएसटीएन का फेल होना यह दर्शाता है कि जीएसटी का क्रियान्वयन जल्दबाजी में किया गया।

बार बार बढ़ रही है रिटर्न फाइल करने की तारीख
शनिवार को हुई जीएसटी काउंसिल की बैठक में GSTR-1 की डेडलाइन को एक महीने के लिए और बढ़ा दिया गया है। अब अगली डेडलाइन 10 अक्टूबर होगी। जीएसटी काउंसिल के सदस्यों ने माना है कि जीएसटीएन में तकनीकी खामी एक गंभीर मसला है और इस पर सदस्यों ने विस्तार से चर्चा की है। इसके साथ ही सरकार ने जीएसटी 3B समरी रिटर्न फाइल न करने पर 200 रुपए रोज लगने वाली पेनल्टी को भी हटा दिया था। पेनल्टी हटाए जाने के बाद अभी कोई अंतिम तारीख निश्चित नहीं की गई है।

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