अहमदाबाद :भारतीय यातायात के लिए गुरुवार ऐतिहासिक दिन बन गया। भारत में पहले हाई स्पीड ट्रेन प्रॉजेक्ट की नींव रखी गई। बुलेट ट्रेन के नाम से मशहूर इस प्रॉजेक्ट की आधारशिला भारतीय पीएम नरेंद्र मोदी और उनके जापानी समकक्ष शिंजो आबे ने रखी। इस मौके पर मोदी ने अपने संबोधन में बताया कि बुलेट ट्रेन एक तरह से ‘मुफ्त’ में भारत को मिल रही है। मोदी ने इसके लिए खास तौर पर जापानी पीएम शिंजो आबे को शुक्रिया कहा। मोदी ने बताया कि आबे ने निजी दिलचस्पी लेकर इस प्रॉजेक्ट को हकीकत में तब्दील करने में मदद की।

बुलेट ट्रेन प्रॉजेक्ट की नींव रखे जाने से जुड़ा हर अपडेट

मोदी ने कहा कि जब कोई शख्स कुछ भी खरीदता है तो एक-एक पैसे का हिसाब लगाता है। कोई एक बाइक भी खरीदता है तो 10 बैंकों के चक्कर लगाता है और कोई आधा पर्सेंट भी ब्याज दर कम कर दे तो खुशियां मनाता है। मोदी ने कहा कि क्या कोई ऐसा दोस्त या बैंक मिल सकता है जो कहे कि मुफ्त में लोन ले लो। और तो और 88 हजार करोड़ रुपये का लोन दे दे। पीएम ने कहा कि भारत को ऐसा ही जापान और शिंजो आबे जैसा दोस्त मिला है। जापान ने 0.01 पर्सेंट के हिसाब से लोन दिया है। पीएम ने कहा कि यह प्रॉजेक्ट एक तरह से मुफ्त में बनेगा।

विरोधियों पर भी निशाना
मोदी ने कहा कि जब उन्होंने बुलेट ट्रेन की बात की तो लोग पूछते थे कि मोदी बुलेट ट्रेन कब लाएंगे। अब जब लाना शुरू किया तो लोग पूछ रहे हैं कि क्यों लाएंगे। पीएम ने कहा कि बुलेट ट्रेन जापान की ओर से भारत को दी गई एक बहुत बड़ी सौगात है। बुलेट ट्रेन के सफर की हवाई यात्रा से तुलना करते हुए मोदी ने कहा कि एयरपोर्ट जाने और औपचारिकता पूरी करने में जितना वक्त लगता है, उससे भी आधे समय में लोग अहमदाबाद से मुंबई के बीच आ-जा सकेंगे। मोदी ने बताया कि इससे न केवल काफी वक्त बचेगा, बल्कि दोनों शहरों के बीच सड़क पर चलने वाली हजारों गाड़ियों की संख्या में कमी आएगी। इसके अलावा, पर्यावरण पर असर पड़ेगा और दोनों शहरों के बीच का पूरा एरिया सिंगल इकॉनमिक जोन में बदल जाएगा। हाई स्पीड कॉरिडोर से न केवल यातायात तेज होगा, बल्कि इकॉनमी को भी तेज रफ्तार मिलेगी।

आबे का बार-बार शुक्रिया
पीएम ने कहा कि कोई भी देश आधे अधूरे संकल्पों और सपनों के साथ आगे नहीं बढ़ सकता। मोदी के मुताबिक, बुलेट ट्रेन ऐसा प्रॉजेक्ट है जो तेज गति, तेज प्रगति, तेज टेक्नॉलजी के माध्यम से तेज परिणाम लाने वाला है। इसमें सुविधा भी है, सुरक्षा भी है। यह रोजगार भी लाएगा, रफ्तार भी लाएगा। यह ह्यूमन फ्रेंडली भी है, इको फ्रेंडली भी है। अपने संबोधन में मोदी ने जापान और शिंजो आबे को बार-बार धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा कि एक अच्छा दोस्त समय और सीमा के बंधनों से परे होता है। मोदी ने कहा कि जापान ने दिखा दिया है कि वह भारत का कितना मजबूत दोस्त है। यही नहीं, भारत का पहला हाई स्पीड रेल प्रॉजेक्ट दोनों देशों के बीच मजबूत होते रिश्तों का भी प्रतीक है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here