चंडीगढ़। पंजाब विश्‍वविद्यालय (पीयू) में छात्रा से यौन शाेषण मामले में आरोपी अस्सिटेंट प्रोफेसर को निलंबित कर दिया गया है। इस संबंध में सीनेट की बैठक में फैसला किया गया। आरोपी अस्सिटेंट प्रोफेसर को मान‍सिक राेगी बताया गया और उसे पीजीआइ में इलाज के लिए भेजा जाएगा। अस्सिटेंट प्रोफेसर पर पर्यटन विभाग की एक छात्रा ने यौन शोषण का अारोप लगाया था। इस पर विश्‍वविद्यालय में काफी हंगामा मचा था।

सीनेट की बैठक में इस मामले में सेक्सुअल हैरासमेंट कमेटी की रिपोर्ट रखी गई। इस पर करीब करीब डेढ़ घंटे तक चर्चा हुई। कई सदस्यों ने आरोपी टीचर को बर्खास्त करने की वकालत की तो कई ने कहा कि उस पर परिवार की जिम्मेदारी है। आरोपी टीचर मानसिक और शारीरिक रूप से बीमार है। शराब का आदी होने के कारण उससे यह गलती हुई है।

बताया जाता है कि बैठक में अजय रंगा ने मामले को उठाते हुए कहा कि आरोपी को एक मौका दिया जाना चाहिए। नरेश गौड़, प्रोफेसर राजेश गिल, डीपीएस रंधावा, प्रोफेसर शैली वालिया और प्रोफेसर चमन लाल ने भी इस पर सहमति जताई। प्रोफेसर बांबा के प्रस्ताव पर सबने सहमति जताई कि उसको सस्पेंड कर कारण बताओ नोटिस जारी किया जाए।

डॉ. नीरू मलिक और प्रोफेसर रौनकी राम ने नौकरी से बर्खास्त करने को कहा। कई ने कहा कि एक साल की फोर्स लीव पर आरोपी को इलाज के लिए पीजीआइ भेजा जाए। बैठक के दौरान कई बार हंगामा हुआ और नाराज होकर कुलपति प्रो. अरुण ग्रोवर पांच बार बाहर चले गए।

डाटा नहीं देने का मामला उठा

सीनेटर एचके दुआ ने उनको स्क्रीनिंग कमेटी के मेंबर का डाटा नहीं उपलब्ध करवाने का मामला उठाया। उन्होंने कहा कि बार-बार मांगने पर भी मुङो डाटा नहीं दिया गया है। उन्होंने मैसेज और मेल का भी हवाला दिया। मामले पर उनको केशव मल्होत्र का साथ मिला। मामला इतना गर्माया कि वीसी गुस्से में बैठक से उठ कर चले गए।

कई प्रस्तावों पर लगी मुहर

सहायक रजिस्ट्रार्स कन्फर्म, एनएसएस को इलेक्टिव विषय की मान्यता, डॉ. जयंती दत्ता को एसोसिएट प्रोफेसर बनाने की मंजूरी, एमिरेट्स को हर विभाग में मिलेगा कमरा।

-एसोसिएट डीन की एक्सटेंशन पर सहमति, अनियमित टीचर्स की रिप्वाइंटमेंट पर मुहर।

-डॉ. इकबाल, डॉ. एनआर शर्मा को प्रिंसिपल बनाने, सेक्सुअल हैरासमेंट कमेटी का प्रस्ताव पास।

– परीक्षा अनियमितता में मुनीश वर्मा पर कार्रवाई के लिए वीसी को कमेटी बनाने की अधिकार दिया, बीएस बराड़ और सुदेश को एमिरेट्स प्रोफेसर बनाया

कमेटी को मंजूरी से पहले ही सदस्‍यों के नाम वेबसाइट पर डाले

पंजाब यूनिवर्सिटी प्रशासन का एक और गैर जिम्मेदाराना रवैया सामने आया है। नए मामले में पीयू ने नई कमेटी अंगेस्ट सेक्सुअल हैरासमेंट (कैश) को अप्रूवल तो 24 सितंबर को दी लेकिन अधिकारिक कमेटी वेबसाइट पर पीयू प्रशासन ने कई दिन पहले ही चेयरमैन और सदस्यों के नाम डाल दिए। पीयू में किसी भी मामले की अप्रूवल के लिए सीनेट की मुहर जरूर होती है लेकिन प्रशासन ने सीनेट में नई कमेटी पर मुहर लगे बिना ही इसको पीयू की अधिकारिक वेबसाइट पर लोड कर दिया।

पीयू की सीनेट की बैठक में इसको लेकर वीसी से भी बार-बार स्पष्टीकरण मांगा गया लेकिन खुद रजिस्ट्रार के पास इसका कोई संतोषजनक जवाब नहीं था। रविवार को हुई सीनेट बैठक में मामले को लेकर कई सीनेटर्स ने सवाल खड़े किए।

एक सदस्य पर उठे सवाल

कमेटी में एक महिला सदस्य को नेशनल कमीशन फॉर वूमेन की सदस्य रेखा शर्मा की सिफारिश पर शामिल किया गया है। कमेटी को लेकर बार-बार सवाल खड़े किए जा रहे हैं। कई ने कहा कि एक सदस्य को किसके कहे पर शामिल किया तो वीसी ने रेखा शर्मा का हवाला दिया।

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