नई दिल्ली। दिल्ली मेट्रो रेल निगम (डीएमआरसी) का कहना है कि मौजूदा समय में देश के सात शहरों में मेट्रो की सुविधा है। उन सभी में दिल्ली मेट्रो का किराया सबसे कम है। ट्रेनों के परिचालन पर लागत बढ़ने से किराये में वृद्धि की गई है। हालांकि डीएमआरसी ने अधिकारिक तौर पर बयान जारी नहीं किया है।

डीएमआरसी का कहना है कि चेन्नई मेट्रो में 24 किलोमीटर से अधिक दूरी तय करने पर 70 रुपये, कोच्चि मेट्रो में 20 किलोमीटर से अधिक दूरी के लिए 60 रुपये व मुंबई मेट्रो में 10 किलोमीटर से अधिक दूरी के लिए 110 रुपये किराया है, जबकि दिल्ली मेट्रो में वर्तमान समय में 32 किलोमीटर और उससे अधिक की दूरी के लिए 50 रुपये किराया है।

10 अक्टूबर से यह बढ़कर 60 रुपया हो जाएगा। डीएमआरसी पर 26,760.28 करोड़ रुपये का लोन है, जिसे उसने जापान की एजेंसी जिका से लिया है। अब तक सिर्फ 3770.79 करोड़ का लोन भरा है, जिसमें 2263.67 करोड़ ब्याज है।

डीएमआरसी के अनुसार वर्ष 2016-17 में मेट्रो को 378.29 करोड़ का घाटा हुआ। वर्ष 2009 में दिल्ली मेट्रो को 3.21 रुपये प्रति यूनिट की दर से बिजली मिलती थी, जबकि वर्तमान में 6.58 रुपये की दर से भुगतान करना पड़ रहा है।

वर्ष 2009 के मुकाबले मेट्रो के परिचालन में कर्मचारियों पर प्रति किलोमीटर खर्च 1.17 करोड़ से बढ़कर 2.80 करोड़ हो गया है। पहले मेट्रो की रखरखाव पर प्रति किलोमीटर एक करोड़ रुपया खर्च होता था। वर्ष 2017 में रखरखाव पर खर्च बढ़कर प्रति किलोमीटर 3.13 करोड़ हो गया है।

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