करनाल। नौकरी बहाली की मांग को लेकर सीएम सिटी में धरने पर बैठे प्रदेशभर के 1259 लो मेरिट जेबीटी शिक्षकों में से 11 महिला शिक्षिकाओं ने रोष स्वरूप केश कटवाए। उन्होंने सरकार को चेतावनी दी है कि यदि दो दिन के अंदर उनकी मांगों को नहीं माना गया तो वह मुंडन करवा देंगी।

वहीं दूसरी ओर कल्पना चावला राजकीय मेडिकल कॉलेज में दाखिल छह जेबीटी शिक्षकों ने इलाज कराने से साफ मना कर दिया। वह धरनास्थल पर वापस लौट आए हैं। शिक्षक सुनीता का शुगर डाउन होने के कारण हालत बेहद गंभीर बनी हुई है।

शिक्षक की हालत को देखते हुए रविवार को स्वास्थ्य विभाग की टीम धरनास्थल पर ब्लड सैंपल लेने पहुंची। उन्होंने कहा कि महिला को दाखिल नहीं करवाया गया तो स्थिति नियंत्रण से बाहर हो सकती है, लेकिन सुनीता ने इलाज लेने से मना कर दिया है। इसके अलावा शिक्षक ऋषिपाल, सूरजप्रकाश, सीमा, पंकज रानी व सुनील की भी हालत नाजुक है। जेबीटी शिक्षकों ने धरनास्थल पर स्पष्ट किया है कि नौकरी का ज्वाइनिंग लेटर लिए बिना धरनास्थल से नहीं उठेंगे।

बता दें कि 17 जेबीटी शिक्षक कई दिनों से आमरण अनशन पर बैठे हुए हैं। धरनास्थल पर शिक्षकों की संख्या बढ़ती जा रही है। परिवार के लोग अब धरने पर डट गए हैं।

तीन अक्टूबर को बड़े स्तर पर प्रदर्शन का एलान

जेबीटी शिक्षकों के समर्थन में आए सर्व कर्मचारी संघ ने तीन अक्टूबर को प्रदर्शन का एलान किया है। संघ के जिला अध्यक्ष ओमप्रकाश ङ्क्षसहमार ने कहा कि सरकार ने शिक्षकों के साथ अन्याय किया है। एक महीना नौकरी पर रखने के बाद अचानक हटा देना कानून का उल्लंघन है। संघ जेबीटी शिक्षकों के साथ है।

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