श्रीनगर। उत्तरी कश्मीर में नियंत्रण रेखा पर स्थित उड़ी सेक्टर के पार गुलाम कश्मीर में विभिन्न लांचिंग पैड पर 70 आतंकी घुसपैठ की फिराक में बैठे हैं। सेना की 19 इनफैंटरी डिवीजन के जीओसी मेजर जनरल आरपी कलिता ने सोमवार को यह जानकारी दी।

-मेजर जनरल ने कहा, गुलमर्ग से बंगुस घाटी तक एक दर्जन लांचिंग पैड सक्रिय
-तीन-चार या पांच के समूह में भारतीय क्षेत्र में कर सकते हैं घुसपैठ

गुलमर्ग में स्वच्छता अभियान के सिलसिले में आयोजित कार्यक्रम के बाद आरपी कलिता ने कहा कि सरहद पार आतंकी ढांचा पहले की तरह मौजूद है। जिला बारामुला में एलओसी के पार गुलमर्ग से बंगुस घाटी के बाएं छोर तक करीब एक दर्जन लांचिंग पैड सक्रिय है, जहां करीब 60 से 70 आतंकी मौजूद हैं। ये तीन-चार या पांच के समूह में किसी भी समय भारतीय क्षेत्र में घुसपैठ कर सकते हैं।
आरपी कलिता ने कहा कि हमें पाकिस्तानी सेना और सरहद पार बैठे आतंकियों के मंसूबों का पता हैं। एक दो महीने में एलओसी पर घुसपैठ की कोशिशें बढ़ जाएंगी। बर्फ गिरने से पहले पाकिस्तानी सेना और आतंकी कमांडर ज्यादा से ज्यादा आतंकियों को इस तरफ धकेलने की कोशिश करेंगे। यही कारण है कि आए दिन सरहद पार से घुसपैठ के प्रयास हो रहे हैं, लेकिन हमने घुसपैठियों को मार गिराने की पूरी तैयारी कर रखी है। पिछले सप्ताह हमने कलगेई इलाके में चार आत्मघाती आतंकियों को मार गिराया था। सोमवार सुबह भी रामपुर सब सेक्टर में घुसपैठ का प्रयास नाकाम बनाया है।
उन्होंने बताया कि इस समय उत्तरी कश्मीर में आतंकी नेटवर्क लगभग ध्वस्त हो चुका है। उसे फिर से तैयार करने के लिए आतंकी संगठन और पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आइएसआइ हताश है। इसलिए उसने क्यूम नजार को वापस कश्मीर भेजा था, लेकिन हमने उसे सरहद पर ही मार गिराया। उसका मारा जाना आतंकियों के लिए बहुत बड़ा धक्का और हमारे लिए बड़ी कामयाबी है। वह एक पुराना आतंकी था। उसका सोपोर और उससे सटे इलाकों में अपना एक नेटवर्क था। अगर वह जिंदा बच जाता और दोबारा सक्रिय होने में कामयाब होता तो सोपोर, हंदवाड़ा और अन्य इलाकों में आतंकी गतिविधियां तेज हो जाती।

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