नई दिल्ली। राजधानी के सबसे महत्वपूर्ण रेलवे स्टेशन नई दिल्ली की सफाई अब पूरी तरह से मशीनों से होगी। इसके लिए उत्तर रेलवे के महाप्रबंधक आरके कुलश्रेष्ठ ने गांधी जयंती के अवसर पर नर्ई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर यांत्रिक सफाई प्रणाली की शुरुआत की। आने वाले दिनों में दिल्ली के अन्य रेलवे स्टेशनों पर भी इसी तरह की सफाई व्यवस्था होगी।

सफाई ही सेवा कार्यक्रम के तहत रेलवे परिसरों में विशेष सफाई अभियान चलाया गया था। गांधी जयंती के दिन उसका समापन हुआ। अंतिम दिन नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर चले सफाई अभियान में महाप्रबंधक के साथ ही अन्य रेलवे अधिकारी, भारत स्काउट एंड गाइड के सदस्य भी शामिल हुए। सभी ने स्वच्छता की शपथ ली। यात्रियों को जागरूक करने के लिए नुक्कड़ नाटक भी पेश किए गए।

महाप्रबंधक ने कहा कि यांत्रिक सफाई प्रणाली की शुरुआत होने से नई दिल्ली रेलवे स्टेशन की सफाई व्यवस्था को बेहतर बनाने में मदद मिलेगी। इस प्रणाली के तहत प्लेटफॉर्मों, फुट ओवर ब्रिज सहित परिसर के अन्य महत्वपूर्ण स्थानों की सफाई के लिए 28 आधुनिक मशीनों का इस्तेमाल होगा।

पूरे स्टेशन को अलग-अलग जोन व उप जोन में विभाजित किया गया है। सर्कुलेटिंग एरिया और प्लेटफॉर्म की सफाई के लिए झाड़ू की जगह वैक्यूम स्वीपिंग मशीन का इस्तेमाल होगा। इससे प्रति घंटे 6500 वर्गमीटर की सफाई होगी। ग्रेनाइट और कोटा पत्थर वाले फर्श और छोटे स्थानों की सफाई के लिए स्क्रबिंग और वैक्यूम सक्शन मशीन लाई गई है।

इसी तरह से शौचालयों की सफाई भी अलग मशीन से होगी। हाई प्रेशर जेट क्लीनिंग मशीन से प्लेटफॉर्म और फुट ओवर ब्रिज की धुलाई की जाएगी। स्टेशन परिसर से कूड़ा उठाने के लिए बैटरी से चलने वाले वाहनों का प्रयोग किया जाएगा।

कुलश्रेष्ठ ने कहा कि छह महीनों के अंदर दिल्ली सहित उत्तर रेलवे के अन्य बड़े स्टेशनों पर भी यांत्रिक सफाई प्रणाली की शुरुआत होगी जिससे कि इन स्टेशनों की बेहतर ढंग से सफाई हो सके। उन्होंने अजमेरी गेट और पहाडग़ंज की ओर ट्रैफिक मार्शल सेवा की भी शुरुआत की।

इससे स्टेशन के दोनों ओर यातायात को व्यवस्थित करने और भीड़ भाड़ को नियंत्रित करने में मदद मिलेगी। उन्होंने पांच सफाई कर्मचारियों को सम्मानित भी किया।

रेलवे अधिकारियों का कहना है कि नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर रोजाना 356 ट्रेनों का संचालन होता है और लगभग पांच लाख के करीब यात्री पहुंचते हैं। इसलिए स्टेशन परिसर को साफ सुथरा रखना और भीड़ को नियंत्रित करना बड़ी चुनौती है। इस मौके पर दिल्ली के मंडल रेल प्रबंधक आरएन सिंह सहित अन्य अधिकारी मौजूद थे।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here