जयपुर। राजस्थान विधानसभा चुनाव से 15 माह पूर्व कांग्रेस ने मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे के गृह क्षेत्र में किसान न्याय पदयात्रा और किसान सभा करके राजनीतिक बढ़त लेने की कवायद शुरू की है । किसानों की विभिन्न मांगों को लेकर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष सचिन पायलट और राज्य विधानसभा में विपक्ष के नेता रामेश्वर डूडी ने पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के साथ मंगलवार को बांरा से किसान न्याय पदयात्रा की शुरूआत की,यह यात्रा 6 अक्टूबर को झालावाड में समाप्त होगी ।

पदयात्रा की समाप्ति पर झालावाड़ में किसान सभा होगी । यात्रा के दौरान पायलट सहित अन्य नेता किसानों के साथ संवाद करेंगे । गांवों में रात्रि विश्राम के दौरान ग्रामीणों के साथ रात्रि चौपाल आयोजित की जाएगी । मुख्यमंत्री के पिछले डेढ़ दशक से राजनीतिक कार्यक्षेत्र और उनके बेटे दुष्यंत सिंह के संसदीय क्षेत्र बांरा-झालावाड़ में कांग्रेस इस पदयात्रा के माध्यम से किसानों को अपने साथ जोड़ने का प्रयास कर रही है ।

कांग्रेस का मकसद इस यात्रा के माध्यम से मुख्यमंत्री और भाजपा को उनके गढ़ में ही घेरना है । राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि हाड़ौती में विधानसभा की कुल 17 सीटें है,इनमें से 16 पर फिलहाल भाजपा का कब्जा है । ऐसे में कांग्रेस इन विधानसभा क्षेत्रों में सरकार के खिलाफ माहौल पैदा कर आगामी विधानसभा चुनाव में बढ़त पाना चाहती है ।

कांग्रेस का दावा है कि राजस्थान में 75 किसानों ने आत्महत्याएं की है,इनमें से अधिकांश किसान बांरा और झालावाड़ के है । फसल के सही दाम नहीं मिलने,कर्ज माफ नहीं होने और इंसपेक्टर राज के चलते इन किसानों ने आत्हत्याएं की है । पदयात्रा शुरू करने से पूर्व किसानों को संबोधित करते हुए पायलट ने कहा कि कांग्रेस की यह पदयात्रा निर्णायक साबित होगी ।

उन्होंने कहा कि फसल खराब होने से किसानों की कमर पहले से ही टूटी हुई थी और अब उन्हे फसल का सही दाम नहीं मिल रहा इससे किसान व्यथित है । किसानों के कर्ज माफ नहीं हो रहे,सरकार इस मुद्दे को टालने में जुटी है । उन्होंने कहा कि पूर्ण कर्ज माफी,जीरा,धनिया और ईसबगोल का समर्थन मूल्य घोषित करने,कृषि यंत्रों पर जीएसटी की दर कम करने,आवश्यक वस्तु अधिनियम में संशोधन सहित अन्य मांगों को लेकर कांग्रेसजन किसानों के साथ पदयात्रा कर रहे है और सरकार को मांगे मानने को मजबूर करेंगे ।

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