चंडीगढ़। साध्वी यौनशोषण मामले में सलाखों के पीछे पहुंच चुके डेरा प्रमुख गुरमीत राम रहीम के पूर्व ड्राइवर खट्टा सिंह ने पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट में सीबीआइ कोर्ट पंचकूला के उस आदेश को चुनौती दे दी है जिसके तहत सीबीआइ कोर्ट ने उसके बयान दर्ज करवाने की मांग खारिज कर दी थी। मंगलवार को हाई कोर्ट के जस्टिस सुरेंद्र गुप्ता ने खट्टा सिंह को कहा कि वह अपनी स्टेटमेंट हलफनामा के तौर पर 6 तारीख से पहले कोर्ट में दे।

खट्टा ने पिछले दिनों अदालत में पेश होकर गुरमीत राम रहीम से जुड़े मामलों में दोबारा बयान दर्ज करवाने की अर्जी दाखिल की थी। उसका कहना था कि वो पहले दवाब और डर के चलते गवाही से हट गया था। उसे अब गवाही के लिए दोबारा मौका दिया जाए। इस पर गुरमीत को एतराज था। वहीं, सीबीआइ को इसमें कोई आपत्ति नहीं थी, लेकिन इस मामले पर पिछले सोमवार को दोनों पक्षों के बीच चली बहस पूरी होने के बाद सीबीआइ कोर्ट ने इसे खारिज कर दिया था।

खट्टा ने अदालत में अर्जी लगाई थी कि वह दोषी राम रहीम के डर के कारण वर्ष 2012 में अपने बयान से मुकर गया था। साथ ही सीबीआइ अदालत में दोबारा बयान देने की इजाजत मांगी थी। खट्टा ने अर्जी में यह भी कहा था कि अब राम रहीम जेल के भीतर है, इसलिए अब डर का मौहाल नहीं है।

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