जयपुर। अवैध हथियारों के कारोबार और अवैध लाइसेंस बनवाने में अब तक उत्तरप्रदेश, मध्यपद्रेश एवं बिहार की बदनामी रही,लेकिन अब इस काम में राजस्थान आगे निकल गया। राजस्थान एटीएस ने पिछले एक माह में जम्मू-कश्मीर एवं नागालैंड से हथियारों के फर्जी लाइसेंस बनवाने वाले गिरोह का पर्दाफाश किया था।

एटीएस की जाचं में सामने आया कि नागालैंड से राजस्थान के 15 जिलों के 300 लोगों के फर्जी लाइसेंस बनवाए गए,वहीं जम्मू-कश्मीर से 250 लाइसेंस बनवाए गए । गिरोह का मास्टर माइंड अजमेर से पकड़ा गया । इधर नेशनल क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो के आंकड़ों के अनुसार पिछले चार साल में राजस्थान में करीब 22 हजार हथियार तस्कर पकड़े गए,जबकि बिहार में यह संख्या 7011 है।

उत्तरप्रदेश में चार साल में 1 लाख 2617 एवं मध्यप्रदेश में 3 लाख 6302 अवैध हथियारों के मामले सामने आए। रिपोर्ट के अनुसार राजस्थान से उत्तरप्रदेश और मध्यप्रदेश में हथियार सप्लाई किए जा रहे है। वर्ष 2015 में पुलिस ने कोटा में 786,वर्ष 2016 में 800 बदमाशों को आ‌र्म्स एक्ट के तहत गिरफ्तार किया । इस लिहाज से कोटा देश का तीसरा बड़ा शहर है,जहां अवैध हथियारों से जुड़े सबसे अधिक मामले सामने आए है ।

अब तक अवैध हथियारों के तीन बड़े गढ़ थे,इनमें गाजियाबाद,भोपाल और दिल्ली शामिल है । एटीएस से मिली जानकारी के अनुसार राजस्थान के अलवर एवं भरतपुर के मेवात क्षेत्र में अवैध हथियार बनाने की कई फैक्टि्रयां चल रही है । कुछ समय पहले ही भरतपुर के गोपालगढ़ में पुलिस ने दबिश देकर अवैध हथियार बनाने के कारखाने का भंडाफोड़ किया था । इस कारखाने में अवैध हथियारों के जखीरे के साथ ही इन्हे बनाने वाले एक दर्जन लोगों को गिरफ्तार किया गया ।

यह मामला सामने आने के बाद अलवर एवं भरतपुर के मेवात क्षेत्र में एटीएस एवं जिला पुलिस ने गहन जांच की तो सामने आया कि मेवात बाहुल्य क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर अवैध हथियार बनाने का काम हो रहा है । नेशनल क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो के आंकड़ो के अनुसार राजस्थान में अवैध हथियार तस्करी के मामले चाहे बिहार ,हरियाणा और पंजाब आदि राज्यों से अधिक सामने आए हो,लेकिन ¨हसा की वारदात इन राज्यों से काफी कम हुई है । अवैध हथियारों से बिहार में 3397,पंजाब में 149,हरियाणा में 648 मर्डर हुए,वहीं राजस्थान में यह संख्या 268 रही ।

इसी तरह लाइसेंस शुदा हथियारों से राजस्थान में 67 मर्डर हुए वहीं बिहार में 183,पंजाब में 291 और हरियाणा में 70 मर्डर हुए । रिपोर्ट के अनुसार पांच साल में देश में 22 राज्यों और छह केन्द्र शासित प्रदेशों में जितने अवैध हथियार पकड़े गए है,उससे ज्यादा हथियार राजस्थान में पकड़े गए है । राजस्थान में बरामद हथियार छत्तीसगढ़,गोवा,गुजरात,असम,झारखंड़,हिमाचल प्रदेश,मणिपुर,कर्नाटक,केरल,मिजोरम,मेघालय,पंजाब,हरियाणा,उत्तराखंड एवं पश्चिम बंगाल आदि राज्यों से काफी ज्यादा है । राजस्थान एटीएस के अतिरिक्त महानिदेशक उमेश मिश्रा ने माना कि राजस्थान के मेवात में अवैध हथियारों का कारोबार होता है । राज्य एटीएस और पुलिस ने कई बार दबिश देकर आरोपियों को गिरफ्तार किया है । उन्होंने बताया कि जम्मू- कश्मीर एवं नागालैंड जैसे राज्यों से अवैध लाइसेंस बनाने के मामले का पर्दाफाश करना एक बड़ा काम रहा,इन लोगों को अवैध हथियार की आपूíत भी राजस्थान के मेवात एवं मध्यप्रदेश में चलने वाली अवैध फैक्टि्रयों से होने की बात सामने आई है ।

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