वैसे तो बीजेपी में मुख्यमंत्रियों की कोई कमी नहीं है। साथ ही उनके पास शिवराज सिंह चौहान और रमन सिंह जैसे नेता भी हैं जो तीन बार मुख्यमंत्री पद की शपथ ले चुके हैं। इसके अलावा वसुंधरा राजे और देवेन्द्र फड़नवीस जैसे कद्दावर मुख्यमंत्री भी मौजूद हैं। लेकिन इतने जुझारू नेताओं की टीम होने के बावजूद प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह के अतिरिक्त बाकी सब नेताओं को अपने प्रदेश तक ही सीमित रखा है। ऐसे परिवेश में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को केरल में पार्टी का प्रचार करने के लिये सबसे पहले बुलाना काफी महत्व रखता है।
केरल मुख्यमंत्री पिनरायी विजयन के गृह जिले कन्नूर से शाह ने ‘जन रक्षा यात्रा’ का शुभारंभ मंगलवार को किया था। इस यात्रा का उद्देश्य प्रदेश में तथाकथित रूप से सत्तारूढ़ सीपीएम सदस्यों द्वारा बीजेपी समर्थकों की हत्याओं का विरोध करना है। बुधवार को योगी ने सात किलोमीटर की इस यात्रा में भाग लिया जिसके दौरान बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष कुम्मनम राजशेखरन खुद उनके साथ मौजूद थे। यह यात्रा प्रदेश के 11 ज़िलों को छूती हुई तिरुवनंतपुरम में 17 अक्टूबर को खत्म होगी।
इसमें कोई दो राय नहीं कि योगी बीजेपी समर्थकों के बीच अत्यंत लोकप्रिय है। उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनावों के दौरान पार्टी के हर सर्वे में मोदी के बाद उनका नाम ही आता था। देश के प्रधान सेवक बनने के बाद मोदी ने अपनी छवि को एक कट्टर हिन्दुवादी नेता से विकासवादी नेता में परिवर्तित कर लिया है। ऐसे में बीजेपी के पास एक विशुद्ध आक्रामक हिन्दुत्ववादी नेता की कमी अखरने लगी है और योगी इस कमी को पूरा करते नज़र आ रहे हैं।
केरल की यात्रा के दौरान जब योगी से गोरखपुर में नवजात शिशुओं की ऑक्सिजन की कमी से हुई मौत के बारे में पूछा गया तो उन्होंने तुरंत ही सीपीएम पर डेंगू और चिकनगुनिया के खिलाफ प्रदेश में लचर व्यवस्था को लेकर पलटवार किया। मुख्यमंत्री बनने से पहले प्रशासनिक अनुभव ना होने के बावजूद अपने कार्यकाल के पहले छह महीनों में प्रदेश की पुलिस ने 420 ऐन्काउन्टर किए हैं। कुल 15 खूंखार अपराधी मारे जा चुके हैं जबकि 868 इनामी अपराधी जेल की सलाखों के पीछे पहुंच चुके हैं। इसके अलावा योगी को आरएसएस का पूर्ण समर्थन भी हासिल है। इसलिये आने वाले दिनों में योगी को पार्टी के प्रचार के लिये देश भर घूमना महज आम बात ही रह जाएगी।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here