जमशेदपुर। दो से आठ अक्टूबर तक अर्जेटीना में आयोजित विश्व यूथ तीरंदाजी चैंपियनशिप में भारत को अपने कोच के कारण शर्मिंदा होना पड़ा। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार भारतीय तीरंदाजी टीम के कोच सुनील कुमार पर इंग्लैंड टीम के महिला तीरंदाजों के साथ छेड़खानी करने का आरोप लगा है। आयोजकों को जैसे ही इसका पता चला, उन्हें तुरंत देश छोड़ने का आदेश दे दिया गया। खबर मिलते ही भारतीय तीरंदाजी संघ ने सुनील कुमार को न सिर्फ निलंबित कर दिया है, बल्कि उनके खिलाफ जांच भी बैठाई गई है।

दो से आठ अक्टूबर तक अर्जेटीना के रोसारियो शहर में आयोजित विश्व यूथ तीरंदाजी चैंपियनशिप में जमशेदपुर से टाटा तीरंदाजी अकादमी के कोच राम अवधेश और तीरंदाज अंकिता भगत भी गई थी। उक्त चैंपियनशिप में अंकिता भगत ने मिश्रित स्पर्धा में स्वर्ण पदक भी जीता था।

सुनील कुमार रोसारियो में इंग्लैंड की महिला तीरंदाजों के साथ छेड़खानी कर रहे थे। महिला तीरंदाजों ने इसकी शिकायत टीम मैनेजर से की। मैनेजर ने आयोजकों को इसके बारे में जानकारी दी। उसके बाद सुनील को देश छोड़ने को कहा गया। हरियाणा के रहने वाले सुनील कुमार कंपाउंड टीम के कोच हैं और अर्जुन पुरस्कार प्राप्त तीरंदाज संदीप कुमार के निजी प्रशिक्षक भी हैं।

इस मामले को लेकर सुनील कुमार से संपर्क करने की कोशिश की गई, लेकिन उन्होंने फोन नहीं उठाया। सूत्रों के अनुसार, सुनील कुमार ने टीम मैनेजर सत्यदेव कुमार के समक्ष चार अक्टूबर को अपनी गलती मान ली है। उन्होंने पत्र में लिखा है, ‘मेरे से कुछ भारी गलती हो गई। इससे सबको दिक्कत का सामना करना पड़ा। इसके लिए मैं सबसे क्षमा मांगता हूं। मुझे यहां से वापस भेजा जा रहा है। मैं सही सलामत घर जाऊंगा।’

विश्व तीरंदाजी संघ को भेजे ई-मेल के बाद संघ के प्रतिनिधि क्रिस वेल्स ने जवाब दिया है कि इस दुर्भाग्यपूर्ण घटना की अभी जांच हो रही है। विश्व तीरंदाजी संघ मामले में कुछ भी बोलने में सक्षम नहीं है। स्पोर्ट्स ऑथोरिटी ऑफ इंडिया (साई) हरियाणा पुलिस को पत्र लिखकर इस घटना की सूचना देने जा रही है कि किस तरह सुनील कुमार ने अर्जेटीना में देश का नाम बदनाम किया है। साई हरियाणा पुलिस को सुनील के खिलाफ कार्रवाई करने की अनुशंसा करेगी।

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