उज्जैन। किसानों पर किसी तरह का कोई संकट नहीं आने दिया जाएगा। किसानों को उनकी मेहनत का पूरा मेहनताना मिलेगा। भावांतर योजना को लेकर मुझे विरोधी मित्रों ने गालियां दी लेकिन इस योजना के बारे में दूसरे राज्य भी पूछ रहे हैं। ये कहना है मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान का। वे उज्जैन में किसान महासम्मेलन में बोल रहे थे।

किसानों को संबोधित करते हुए सीएम शिवराज ने कहा कि इस योजना के तहत 1 लाख 35 हजार किसानों तक 135 करोड़ रुपए पहुंच गए हैं। सम्मेलन में उज्जैन, इंदौर भोपाल संभाग के 13 जिलों के किसान पहुंचे हैं। सीएम की मौजूदगी में 11 हजार किसानों को भावांतर भुगतान के प्रमाणपत्र वितरित किए गए।

उन्होंने कहा कि उन्हें सीएम बने 12 साल होने वाले हैं और इस दौरान मध्यप्रदेश काफी बदल चुका है। पहले सड़कें खराब थी, पानी, बिजली नहीं थी लेकिन अब बदलाव आया। उन्होंने कहा हम उज्जैन तक नर्मदा लाए और आडवाणी-अटलजी का सपना पूरा किया। अब अगली फरवरी तक गंभीर भी लाएंगे।

विपक्ष पर हमला बोलते हुए सीएम ने कहा कि भावांतर योजना को लेकर विपक्ष ने मुझे गड़बड़ सीएम कहा, मुझे गालियां दी लेकिन मुझे फर्क नही पड़ता। इसी योजना के बारे में दूसरे राज्य जानकारी ले रहे हैं। 50 साल जिन्होंने सरकार चलाई वो शिवराज को गाली दे रहे हैं जबकि हम किसानों को शून्य प्रतिशत पर कर्ज दे रहे हैं।

सीएम ने कहा कि रखने की व्यवस्था नहीं थी लेकिन फिर भी हमनें किसानों से प्याज खरीदे। अन्य उपज भी खरीदी। हमने कहा किसान प्याज नहीं फेंकेगा, सरकार खरीदकर फेंकेगी। पूरा दिन सुना सकता हूं इतना कुछ किया है इस सरकार ने।

सीएम ने ये भी कहा कि आज प्रदेश का किसान खुश है। उन्होंने बताया कि सरकार के कदम पर अफसरों ने बहुत मना किया, कहा खजाना खाली हो जाएगा। लेकिन मैंने कहा कि भले हो जाए लेकिन किसान के लिए हर कदम उठाएंगे।

उन्होंने कहा कि उनका पहला संकल्प है कि किसानों को बर्बाद नहीं होने देंगे। उन्होंने ये भी कहा कि सरकार जानती है कि किसान को बिजली का संकट है। एक सिंगाजी प्लांट बंद हो गया, कोयला नहीं मिल रहा लेकिन सरकार आपूर्ति कर रही है।

सम्मेलन के दौरान मुख्यमंत्री ने एक क्लिक पर किसानों के खाते में राशि ट्रांसफर की। इस मौके पर पारस जैन, मोहन यादव,

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