संजय लीला भंसाली की फिल्म पद्मावती का राजस्थान में विरोध जारी है। पद्मावती फिल्म पर रोक की मांग को लेकर चित्तौड़ में रविवार से जेल भरो आंदोलन शुरू हुआ। राजपूत समाज के विभिन्न संगठनों के साथ ही सर्व समाज के लोगों ने गिरफ्तारी देकर फिल्म का विरोध किया। इस दौरान लोगों ने भंसाली के खिलाफ नारेबाजी भी की।

इधर, पुरातत्व विभाग ने चित्तोड दुर्ग और रानी पद्मनी के इतिहास के बारे में पत्थर पर लगी पट्टिका को कपड़े से ढक दिया है। आगामी दिनों में इसे हटा दिया जाएगा। पुरातत्व विभाग ने चित्तौड़ दुर्ग में पर्यटकों के लिए होने वाले लाइट एंड साउंड शो में से भी अल्लाउद्दीन खिलजी को कांच में रानी पद्मनी का चेहरा देखाने वाले अंश को हटाने का निर्णय लिया है।

दरअसल,चित्तौड़गढ़ दुर्ग स्थित रानी पद्मनी महल के बाहर पत्थर पर लगी पट्टिका और कुम्भामहल में लाइट एंड साउंड शो से कुछ अंश हटाने की मांग को लेकर राजपूत समाज सहित विभिन्न संगठन मांग कर रहे थे। विवाद बढ़ता देख चित्तौड़ के सांसद सीपी जोशी ने इस बारे में केंद्रीय गृह मंत्री व पर्यटन मंत्री से आग्रह किया था। पद्मावती को लेकर चल रहे विवाद के बीच ही करणी सेना के कार्यकर्ताओं ने पद्मनी महल में लगे उन शीशों को तोड़ दिया था, जिनके बारे में गाइड पर्यटकों को यह बताते थे कि इन्ही के माध्यम से रानी पद्मनी को अल्लाउद्दीन खिलजी को दिखाया गया था।

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