आर्थिक रूप से कमजाेर एक किसान अपने बेटे के काॅलेज की फीस जमा नहीं करवा पाया। इससे दुखी बेटे ने आत्‍महत्‍या कर ली। घटना जैतो उपमंडल के गांव रामूवाला (डेलियां वाली) की है। युवक के आतमहत्‍या करने से गांव में मातम है।

गुरप्रीत सिंह (18) नामक इस युवक ने फीस जमा न करवा पाने के कारण फंदा लगाकर जान दे दी। उसके पिता कौर सिंह के पास महज डेढ एकड़ जमीन है और उनके परिवार पर पहले से ही बैंक का करीब दो लाख रुपये कर्ज चढ़ा हुआ है। कौर सिंह ने बताया कि उसके दो बेटे है, जिनमें से बड़ा बेटा गुरप्रीत सिंह बठिंडा के निजी कॉलेज में बीए भाग द्वितीय की पढ़ाई कर रहा था।

अब दूसरे सेमेस्टर की फीस जमा करवानी थी। वह पिछले कई दिनों से ही फीस के लिए पैसों की मांग कर रहा था, लेकिन पहले से ही कर्जे का बोझ सिर पर होने के कारण परिवार पैसों का इंतजाम नहीं कर पाया। इस बात को लेकर गुरप्रीत बेहद परेशान था। वह अपने घर यह कह कर चला गया कि वह खेत में जा रहा है। करीब दो घंटे के बाद किसी ने घर पर आकर बताया कि गुरप्रीत ने खेतों में एक पेड़ से फंदा लगा लिया है।

इसके बाद परिजन और गांव के लोग वहां पहुंचे। लोगों ने गुरप्रीत को नीचे उतारा, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। गांव की सरपंच परमजीत कौर और अन्‍य लोगों का कहना था कि ने सरकार से राहत न मिलने के कारण किसानों की हालत चिंताजनक हो गई है। कर्ज से दबे किसान अपने बच्‍चों की पढ़ाई तक नहीं करवा पा रहे हैं। ऐसे में इस तरह की दुखद घटनाएं हो रही हैं।

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