Saturday, December 16, 2017

टेलिकॉम सेक्टर बढ़ रहा है या मर रहा है?

देश के सामने अचानक एक बहुत बड़ी दुविधा आ खड़ी हुई है। दुविधा यह कि भारत का टेलिकॉम सेक्टर असाधारण ऊंचाइयां छूने जा रहा...

डायरेक्ट सेलिंग स्कीमों से इतनी बेरुखी क्यों?

मुंबई के पास ही डोंबिवली में रहने वाली शुभद्रा कुछ काम करके अपने पैरों पर खड़ा होना चाहती थी। लेकिन पति और तीन साल...

बनारसी ठसक: भदेसपन और स्त्रीहंता लुच्चई के बीच

मैं बनारस के बिल्कुल पास के जिले आजमगढ़ का रहने वाला हूं। बचपन से हमारे गांव में बुढ़वा मंगल के किस्से कहे जाते थे।...

त्योहार और बाजार…!!

कहते हैं बाजार में वो ताकत हैं जिसकी दूरदर्शी आंखे हर अवसर को भुना कर मोटा मुनाफा कमाने में सक्षम हैं। महंगे प्राइवेट स्कूल,...

प्रधान मंत्री का वाराणसी दौरा – इज्जत घर और पशुधन आरोग्य मेला

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने संसदीय क्षेत्र वाराणसी में प्रवास के दूसरे दिन(२३ सितम्बर को) तोहफों की बौछार के बीच विपक्ष पर भी जोरदार...

सबका अपना-अपना राष्ट्रवाद

मशहूर फ्रेंच विचारक लुई अल्तुसर से हमारी मुलाकात 1980 के आसपास हुई थी। उन दिनों वे ‘फिलॉसफी ऑफ रीडिंग’ (पाठ का प्रयोजन) के अध्ययन...

पढ़ाई, दवाई और सुरक्षा किसकी जिम्मेदारी है?

रयान। संचालक। प्रबंधक। प्रद्युम्न। प्रदर्शन। लाठी चार्ज। पीड़ितों पर प्रहार और गुनहगार को सुरक्षा का अधिकार। ऐसी है सरकार। हत्यारे सुरक्षित। बच्चे असुरक्षित। आदि।...

कौन देखता है ऐसे सीरियल?

कभी कभार गलती से टीवी सीरियल देख लेता हूं तो सिर पीटने का मन करता है। समझ में नहीं आता कि ये सब किसके...

स्वामी विवेकानंद और नवाचार

आज हम स्वामी विवेकानंद और नवाचार के बारे में बात करने जा रहे हैं. स्वामी विवेकानंद के बारे में तो आप सब जानते ही...

एक मां का डर: आखिर कहांं सेफ हैं मेरे बच्चे?

एक माँ के लिए दुनिया दिन पर दिन डरावनी होती जा रही है, बहुत ही डरावनी। मुझे कभी ब्लू वेल का खेल डराता है,...